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आरोपी को सीओडी क्रॉसिंग से गिरफ्तार किया
फर्म से संबंधित मोबाइल नंबर भी निष्क्रिय था। डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण से फर्म बोगस निकली, जिसके संचालको की ओर से फर्जी दस्तावेंजों के सहारे अवैध तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लेने की जानकारी हुई। फर्म ने 2019-20 में 2.66 करोड़ का लाभ लिया। पुलिस ने कमल गौरव साहू और एतिशाम हुसैन को पहले ही जेल भेज दिया था, जबकि शुक्रवार को दीपक कुमार उर्फ मोगली को सीओडी क्रॉसिंग से गिरफ्तार किया। मोगली को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेजा गया।
जानकारी देते पुलिस अधिकारी
- फोटो : amar ujala
इस तरह करते थे खेल
डीसीपी क्राइम के मुताबिक गिरोह फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, बिजली बिल, किरायानामा जैसे कूटरचित दस्तावेज तैयार कराते थे। इन के आधार पर उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में फर्जी जीएसटी फर्मों का पंजीकरण कराया जाता था। आरोपी वास्तविक व्यापार किए बिना केवल कागजों में माल की खरीद-फरोख्त दर्शाकर फर्जी इनवॉइस एवं ई-वे बिल तैयार करते थे। इन लेन-देन के आधार पर आईटीसी का गलत तरीके से क्लेम कर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया जाता था। गिरोह में कई लोग कमीशन के आधार पर फर्म रजिस्ट्रेशन, बैंक खाता संचालन, बिलिंग एवं रिटर्न फाइलिंग का कार्य करते थे।