राखी मंडी में प्लास्टिक फैक्टरी में लगी आग
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फैक्टरी की पहली मंजिल पर हो रहा था वेल्डिंग का काम
किदवईनगर के ब्लॉक निवासी प्रभात उर्फ सनी का जूही विनोबानगर राखी मंडी में फैक्टरी है। फैक्टरी में काम करने वाले कर्मचारी राजू ने पुलिस को बताया कि वह अपने आठ साथियों के साथ नीचे काम कर रहे थे। वहीं, पहली मंजिल में चार कर्मचारी काम कर रहे थे। शुक्रवार करीब 5:30 बजे फैक्टरी की पहली मंजिल पर वेल्डिंग का काम हो रहा था।
इससे तेज धमाका हुआ और आग फैल गई
इस दौरान वेल्डिंग की चिंगारी से आग पास में रखे प्लास्टिक के सामान और थिनर में लग गई। इससे तेज धमाका हुआ और आग फैल गई। वह लोग शोर मचाते हुए नीचे भागकर आए। यहां भी कर्मचारी बाहर की ओर भागे, लेकिन तब तक आग वहां भी पहुंच चुकी थी। देखते ही देखते उनकी आंखों के सामने पूरी फैक्टरी आग की चपेट में आकर जलने लगी।
आग को बुझाने का प्रयास करते दमकल कर्मी
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12 दमकल के साथ मौके पर पहुंचे अधिकारी
एक के बाद एक धमाके से इलाके के लोगों में दहशत फैल गई। फैक्टरी की साइड की दीवारें ढहने लगीं। इससे आसपास रहने वाले लोग भी मकान छोड़ काफी दूर जाकर खड़े हो गए। सूचना पर मुख्य अग्निशमन अधिकारी दीपक शर्मा फजलगंज, लाटूश रोड, किदवईनगर, मीरपुर, छावनी, पनकी, जाजमऊ आदि 12 दमकल के साथ मौके पर पहुंचे।
राखी मंडी में प्लास्टिक फैक्टरी जलकर खाक
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देर रात आग पर काबू पा लिया गया
चारों ओर से घेरकर पानी की बौछार शुरू करानी शुरू की। फैक्टरी में आग को काबू पाने में करीब चार घंटे का समय लग गया। सीएफओ के अनुसार फिलहाल आग से दो करोड़ के आसपास का नुकसान बताया जा रहा है। रात करीब 11:30 बजे ऊपर की ओर बने एक कमरे में आग फिर से लग गई। देर रात उस पर काबू पा लिया गया। फायर बिग्रेड की लगभग 40 गाड़ियां लगी हुई थीं।
आग को बुझाने का प्रयास करते दमकल कर्मी
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समय रहते बचा ली जान
सीएफओ ने बताया कि प्लास्टिक और थिनर जलने से आग ने विकराल रूप ले लिया। झोपड़ी मालिक संजय सरोज ने बताया कि आग की चपेट से पूरी झोपड़ी जल गई। वहां रखा सारा सामान जल गया। इसी तरह वहां पर उनके दोनों भाई थे जिनकी समय रहते जान बचा ली गई। इसी तरह एक युवक के बोरे के गोदाम का पिछला हिस्सा आग की चपेट में आने से जल गया।
छत से खड़े होकर अग्निकांड देखते लोग
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रेस्क्यू में रुकावट बनी भीड़
अग्निशमन कर्मचारियों के अनुसार सूचना पर तत्काल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। घनी आबादी के बीच सैकड़ों की संख्या में तमाशबीन बनकर खड़े लोगों की वजह से रेस्क्यू में काफी परेशानी हुई। एक दमकल गाड़ी का पानी खत्म होने के बाद उसके बैक करने और गली से निकलने में वह लोग बाधा बने। किसी तरह किदवईनगर, जूही, बर्रा, गुजैनी, बाबूपुरवा, गोविंदनगर थाने का फोर्स आने पर वह लोग तितर-बितर हुए।
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क्षेत्र में ब्लैक आउट, तपन और धुएं से हुई परेशानी
सीएफओ ने बताया कि आग की घटना के बाद तुरंत बिजली आपूर्ति बाधित कर दी गई थी। इस दौरान रात तक विनोबानगर की आपूर्ति सुचारु नहीं की जा सकी। आग बुझने के बाद भी दो मंजिला बिल्डिंग की तपन और धुएं से आसपास रहने वालों को घोर परेशानियां हुई। वह लोग छत पर पहुंचे और लाइट आने का इन्तजार करते रहे।