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बेटा हुआ हैवान: घर में पिता की हत्या कर 80 KM  दूर जलाया शव, दृश्यम फिल्म देखकर रची थी साजिश, ऐसे हुआ खुलासा

Sat, 20 Sep 2025 06:15 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur Murder News: रामजी तिवारी ने पकड़े जाने से बचने के लिए ऋषभ शुक्ला को पिता का मोबाइल लेकर बिहार भेज दिया। वहां पर उसने मोबाइल को ऑन किया और उस पर कॉल की जिससे लोकेशन बिहार की आ गई। यह सीन उसने दृश्यम फिल्म को देखकर अपनाया था।
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मृतक की फाइल फोटो और अरोपी बेटा व उसका साथी - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर के कल्याणपुर में युवक ने संपत्ति के लालच में दोस्त के साथ मिलकर पिता कमलापति तिवारी की गला घोटकर हत्या कर दी और उनका शव करीब 80 किलोमीटर दूर औरैया में पेट्रोल छिड़ककर जला दिया। इसका खुलासा पुलिस ने लगभग छह महीने बाद शुक्रवार को कर दिया। आरोपी बेटे रामजी तिवारी और दोस्त ऋषभ को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया।

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बेटे ने बताया कि दृश्यम फिल्म देखकर उसने शव को ठिकाने लगाने का प्लान बनाया। इसी तरह, क्राइम पेट्रोल देखकर दोस्त को मोबाइल लेकर बिहार भेज दिया जिससे लोकेशन बिहार की मिले। डीसीपी पश्चिम दिनेश कुमार त्रिपाठी ने शुक्रवार को प्रेसवार्ता में बताया कि पुराना शिवली रोड कल्याणपुर निवासी कमलापति तिवारी (62) रेलवे में गार्ड के पद से बिहार से सेवानिवृत्त हुए थे।  वह शिवली रोड में अकेले रहते थे।

बिहार जाने की बात कहकर निकले थे
बड़ा बेटा रामजी तिवारी नारामऊ स्थित ससुराल और छोटा बेटा श्याम जी सनिगवां में रह रहे हैं। बेटी का विवाह हो चुका है। वृंदावन और मथुरा की यात्रा से मधु मई 2025 को लौटीं, तो उनको रामजी और उसका परिवार कल्याणपुर पुराना शिवली रोड वाले घर में मिला। उन्होंने पति के बारे में पूछा तो रामजी ने बताया कि वह बिहार जाने की बात कहकर 15 मार्च को घर से निकले थे। अब उनका मोबाइल बंद आ रहा है। मधु ने रिश्तेदारों और अन्य जानकारों से पूछताछ की, लेकिन पति की कहीं जानकारी नहीं हुई।

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : amar ujala

औरैया में एक जला हुआ शव मिलने की बात सामने आई
उन्होंने 12 जून 2025 को गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस ने उनके मोबाइल की लोकेशन देखी, तो वह अप्रैल में बिहार के मधुबनी जिले के जयनगर क्षेत्र की निकली। वहां की पुलिस को फोटो भेजकर जानकारी मांगी गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस ने आसपास के जिलों में लावारिस शवों की जानकारी कराई, जिसमें औरैया जिले में 18 मार्च 2025 को एक जला हुआ शव मिलने की बात सामने आई। उस शव का फोटो मधु को दिखाया गया, तो उन्होंने पति का शव होने की पुष्टि की।

सख्ती से पूछताछ पर कबूल कर लिया अपराध
इसके बाद पुलिस का शक बेटे पर गया। पुराना शिवली रोड स्थित घर के आसपास के पड़ोसियाें ने बताया कि पिता के लापता होने के बाद से बेटा अपने परिवार के साथ यहां रह रहा है। इस पर पुलिस ने घर की तलाशी ली। वहां कमलापति तिवारी का मोबाइल मिल गया। उन्होंने रामजी तिवारी और उसके माधवपुरम आईआईटी सोसाइटी निवासी दोस्त ऋषभ शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया। सख्ती से पूछताछ करने पर दोनों अपना अपराध कबूल कर लिया।

घटना की जानकारी देते पुलिस अधिकारी - फोटो : amar ujala

अंडरवियर छोड़कर सारे कपड़े उतार दिए
कल्याणपुर इंस्पेक्टर अजय प्रकाश मिश्रा ने बताया कि पूरी साजिश रचकर हत्या की गई थी। 17 मार्च 2025 को कमलापति तिवारी घर में अकेले थे। इस बीच रामजी तिवारी और ऋषभ शुक्ला ने आकर उनका गला दबा दिया और शव अन्य दोस्त की कार में डालकर औरैया के बेला में नहर किनारे ले जाकर जला दिया। रामजी तिवारी ने पहचान न हो उसके लिए अंडरवियर छोड़कर पिता के सारे कपड़े उतार दिए। औरैया में उनके चेहरे पर पेट्रोल वाली पॉलिथीन बांध दी जबकि शरीर में पेट्रोल छिड़कर कर आग लगा दी। आग लगाते ही तेज रोशनी हुई दोनों पकड़े जाने के डर से भाग निकले। 18 मार्च को बेला पुलिस ने पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

पेंशन और आठ दुकानों के किराये पर नजर
डीसीपी पश्चिम ने बताया कि रामजी तिवारी की नजर पिता की पेंशन और शिवली रोड पर स्थित आठ दुकानों से आ रहे किराये पर थी। उसने बताया कि पिता हमेशा नशे में धुत रहते थे। उनकी इसी आदत की वजह से छोटा भाई सनिगवां में रह रहा है। वह शिक्षक है। मां अधिकतर समय धार्मिक यात्रा में रहती हैं। पिता कल्याणपुर शिवली रोड वाले घर में किसी को नहीं रखते थे। उनको समझाने की कई बार कोशिश की, लेकिन वह माने नहीं। उन्होंने बहू का भी अपमान किया, जिस पर वह परिवार समेत नारामऊ स्थित ससुराल में रहने लगा। पिता सारे रुपये अपने पास रख रहे थे। इसलिए उनको ठिकाने लगाने की साजिश रची।

पिता की हत्या का आरोपी और उसका साथी - फोटो : amar ujala

दोस्त को मोबाइल देकर बिहार भेजा
रामजी तिवारी ने पकड़े जाने से बचने के लिए ऋषभ शुक्ला को पिता का मोबाइल लेकर बिहार भेज दिया। वहां पर उसने मोबाइल को ऑन किया और उस पर कॉल की जिससे लोकेशन बिहार की आ गई। यह सीन उसने दृश्यम फिल्म को देखकर अपनाया था। पुलिस भी इसी लोकेशन के चक्कर में फंस गई थी। दो दिन बाद ऋषभ शुक्ला वापस लौट आया।

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सीसीटीवी कैमरे नहीं पकड़ सके
सेवानिवृत्त रेलवे कर्मचारी की हत्या के बाद उनके शव को गाड़ी में डालकर औरैया तक ले जाया गया। वहां उनके शव को जला दिया गया लेकिन कानपुर से लेकर औरैया तक किसी भी सीसीटीवी कैमरे में उनका पता नहीं चल सका। कानपुर पुलिस भी उनके मोबाइल से ही आरोपियों को पकड़ सकी।

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