उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) की लापरवाही से मेट्रो निर्माण स्थल की सड़कें गांव की कच्ची सड़कों से भी बदतर हो गई हैं। गड्ढायुक्त सड़कों पर दिन-रात धूल उड़ती है। राहगीरों के साथ ही आसपास के निवासियों और दुकानदारों का सांस लेना दूभर हो गया है। लोगों को एलर्जी से लेकर ब्रोंकाइटिस बीमारी होने की आशंका बढ़ गई है। दुकानों और घरों में रखे सामानों पर रोजाना सफाई के कुछ देर बाद ही धूल की मोटी परत जम जाती है।
यूपीएमआरसी मानकों को दरकिनार करते हुए निर्माण स्थलों के गड्ढे भरवाना तो दूर पानी के छिड़काव के नाम पर भी खानापूरी कर रहा है। अमर उजाला की पड़ताल में डबल पुलिया से विजयनगर रोड, विजयनगर चौराहे से दादानगर, सीटीआई, बर्रा-8, मिलेट्री कैंप चौराहा, हमीरपुर रोड और बारादेवी-नौबस्ता रोड पर जगह-जगह धूल उड़ती दिखी। सबसे बदतर हालत डबलपुलिया से फजलगंज औद्योगिक क्षेत्र की है।
उड़ती धूल से परेशान लोग
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धूल भरी हवा में सांस लेने की वजह से पापा को दमा हो गया है। मुझे भी एलर्जी हो रही है। - सिकंदर अली, विजयनगर
दिनभर धूल उड़ती रहती है। सांस लेने में दिक्कत होती है। खांस-खांसकर तबीयत खराब हो रही है। - श्यामा, विजयनगर
मेट्रो डबल पुलिया-विजयनगर रोड पर पानी का छिड़काव नहीं करवाता है। अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है। - हरीश, विजयनगर
मेट्रो के मनमाने रवैये से हजारों क्षेत्रवासियों व राहगीर परेशान हैं। धूल उड़ने से दुकानदारी भी घट गई है। - अब्दुल सलाम जाफरी, विजयनगर
मेट्रो की ओर से निर्माण स्थलों पर नियमित छिड़काव करवाया जा रहा है। एंटी स्मॉग गन आदि से सफाई करवाई जा रही है। - पंचानन मिश्रा, डिप्टी जीएम पीआर, यूपीएमआरसी