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Kanpur: चकेरी पुलिस को महंगी पड़ी छात्र की फर्जी गिरफ्तारी, चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमे का आदेश

Wed, 21 Aug 2024 10:59 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: छात्र की फर्जी गिरफ्तारी को लेकर पीड़ित की मां ने कोर्ट में अर्जी दी थी। अपहरण व फिरौती का आरोप लगाया था। मामले में एसआई व सिपाही समेत चार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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एक छात्र को घर से ले जाकर फर्जी तरीके से तमंचे-कारतूस के साथ गिरफ्तारी दिखाकर मुकदमा दर्ज करना चकेरी पुलिस को महंगा पड़ गया है। छात्र की मां के प्रार्थना पत्र पर सीजेएम सूरज मिश्रा ने चकेरी थाने में तैनात एसआई पंकज कुमार मिश्रा, सिपाही गौरव यादव व दो अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से विवेचना कराए जाने के आदेश पुलिस कमिश्रर को दिए हैं।
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चकेरी के काजीखेड़ा निवासी महिला ने कोर्ट में अर्जी देकर कहा था कि पति का आठ साल पहले देहांत हो चुका है। उसका नाबालिग बेटा कल्याणपुर स्थित स्कूल में पढ़ता है। 14 मई की शाम 8:30 बजे चकेरी थाने से पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में आए और घर से बेटे का अपहरण करके ले गए। जब घरवाले छुड़ाने गए तो पांच लाख रुपये की मांग करने लगे। महिला ने 15 मई को चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर शिकायत दर्ज कराई तो डीपीओ कार्यालय से फोन आया और पुलिस कमिश्रर से शिकायत करने की बात कही गई। महिला ने दोपहर 3 बजे पुलिस कमिश्रर को प्रार्थना पत्र दिया। इस पर रंजिशन चकेरी पुलिस ने उसके बेटे को फर्जी तरीके से तमंचे व कारतूस के साथ गिरफ्तार दिखाकर मुकदमा दर्ज कर दिया।

डीपीओ के दबाव के बाद देर रात पुलिस ने बेटे को छोड़ दिया। अगले दिन महिला ने दोबारा पुलिस कमिश्रर से शिकायत की तो डीसीपी पूर्वी को जांच के आदेश दिए गए। 21 मई को महिला और पुलिसकर्मियों को डीसीपी कार्यालय बुलाया गया था। कार्यालय से बाहर निकलने पर पुलिसकर्मियों ने फिर महिला को धमकाया। इस पर महिला ने चकेरी थाने के पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कोर्ट में अर्जी दी। कोर्ट ने डीपीओ की रिपोर्ट मांगी तो उसमें महिला द्वारा दोपहर 2:35 बजे शिकायत दर्ज कराने की बात स्वीकारी गई।
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बताया गया कि चाइल्ड हेल्पवर्कर को थाने भेजा गया तो थानाध्यक्ष अशोक कुमार दुबे ने बताया कि छात्र गैरकानूनी काम करते पकड़ा गया है चाइल्ड हेल्पलाइन के हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है जबकि पुलिस ने जो एफआईआर दर्ज की उसमें कहा गया कि मुखबिर की सूचना पर शाम 7:05 बजे छात्र को एक तमंचा व एक कारतूस के साथ एयरफोर्स कालोनी काजीखेड़ा के पास से पकड़ा गया और 8:56 बजे थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई। सबूतों के आधार पर कोर्ट ने माना कि जब गिरफ्तारी शाम 7 बजे हुई तो छात्र दोपहर ढाई बजे थाने पर कैसे बैठा था यह विवेचना का विषय है। डीसीपी की जांच रिपोर्ट भी नहीं है। मामला संगीन है इसलिए एफआईआर दर्ज कर विवेचना कराया जाना जरूरी है।
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