निशानदेही पर बरामद कर ली थी रस्सी
लगभग दो घंटे बाद कमल की ईंट से कूंचकर कमरे में ही हत्या करने के बाद होटल के कमरे में बाहर से ताला लगाकर अश्वनी और अरुण चले गए। दूसरे दिन डुप्लीकेट चाबी से कमरा खोला गया तो अंदर कमल का शव मिला। पुलिस ने कमरे से खून से सनी ईंट व अभियुक्तों की निशानदेही पर रस्सी बरामद कर ली थी, जिससे गला घोंटा गया था। विवेचना के दौरान सीसामऊ के प्रेमनगर निवासी विवेक कुमार कुशवाहा उर्फ प्रफुल्ल का नाम भी हत्या में सामने आया था।
एक को उम्रकैद, एक अन्य बरी
10 फरवरी को हैलट पुल के नीचे से कमल की कार बरामद हुई। इसी कार में अश्वनी, अरुण और विवेक सवार थे। कमल का मोबाइल भी इनके पास से बरामद हो गया था। तीनों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट भेजी गई थी। एडीजीसी ने बताया कि 11 गवाह कोर्ट में पेश किए गए। गवाही के दौरान सफाई कर्मी ने विवेक द्वारा कमरा बुक कराने की बात कही थी। सबूतों के अभाव में कोर्ट ने अरुण को बरी कर दिया, जबकि विवेक को सजा सुनाई।
फैक्टरी के लिए निकले पर लौटे नहीं
कमल के जीजा रोहित खोसला ने कोर्ट में बताया था कि दो फरवरी को कमल अपनी पत्नी से यह कहकर घर से निकला थे कि दो लोगों से मिलने जा रहे हैं। वहीं से फैक्टरी चले जाएंगे। कमल अपनी कार लेकर निकले थे लेकिन वापस नहीं लौटे। इस पर कमल के चचेरे भाई दीपक चुघ ने गोविंदनगर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। वहां उन्हें होटल शीला में एक लाश मिलने की सूचना मिली। जब रोहित व दीपक फजलगंज पुलिस से मिले तब शव की शिनाख्त कमल चुघ के रूप में की।