राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 27 जून को अपने करीबी मित्र सतीश चंद्र मिश्र समेत अन्य लोगों से मुलाकात करने पुखरायां भी पहुंचेंगे। इसके लिए आरएसजीयू पीजी महाविद्यालय पुखरायां के मैदान और मुख्य मार्ग के किनारे हेलीपैड बनाए जाएंगे।
शुक्रवार को भोगनीपुर विधायक विनोद कटियार, डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह, एसपी केशव कुमार चौधरी, एडीएम प्रशासन पंकज वर्मा, एसडीएम दीपाली भार्गव, तहसीलदार रामशंकर वर्मा, नगरपालिका अध्यक्ष सत्यप्रकाश संखवार, ईओ रामअचल कुरील ने महाविद्यालय के मैदान को देखा। वहां संभावित पांच हेलीकॉप्टर उतरने के इंतजाम को देखा।
जेसीबी से सफाई शुरू कराई गई। हालांकि, तेज बारिश के चलते काम रोकना पड़ा। राष्ट्रपति के मित्र सतीश चंद्र मिश्र के आवास पर पहुंचे डीएम ने उन्हें आगमन की जानकारी दी। इस पर उन्होंने खुशी जताई। सतीश चंद्र ने कहा कि इस बात की खुशी है कि राष्ट्रपति बनने के बाद भी रामनाथ कोविंद उन्हें नहीं भूले और खुद मिलने आ रहे हैं। इसके बाद डीएम ने कस्बा रोड स्थित आरएसजीयू इंटर कॉलेज के गेट से पीछे के दरवाजे से होकर मैदान तक रास्ता बनाने को कहा। यहीं पर राष्ट्रपति लोगों से मुलाकात करेंगे।
राष्ट्रपति से मिलेंगे उनके 17 परिवारीजन
कानपुर देहात में राष्ट्रपति के पराैंख आगमन के दौरान उनके बड़े भाई सहित 18 परिवारीजन मुलाकात करेंगे। भतीजे दीपक कोविंद ने बताया कि राष्ट्रपति से उनकी बड़ी भाभी विद्यावती, भतीजी हेमलता कोविंद, अंजली कोविंद, कमलेश कोविंद, मंजूलता, दामाद राजेश कुमार, अनुराग वर्मा, रिश्तेदार नाथूराम कोविंद और विजय कुमार व बड़े भाई प्यारेलाल कोविंद, भाभी गंगाजली, भतीजा पंकज कोविंद, दीपक कोविंद, पुत्रवधू दीपा, भतीजी दयालता, नाती अभय व आयुष मिलेंगे।
राष्ट्रपति पुखरायां में साथियों के संग करते थे मशविरा
घाटमपुर लोकसभा व राज्यसभा क्षेत्र होने के समय राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का भोगनीपुर विधानसभा में पुखरायां से गहरा नाता रहा। वहां साथियों के साथ राजनीतिक बैठकें कर सलाह-मशविरा करते थे। पुखरायां के सतीश चंद्र मिश्र, मधुसूदन गोयल, प्रताप नारायण अग्रवाल, डॉ. जय गोयल, स्वर्गीय केदारनाथ द्विवेदी, शेख मोहम्मद उनकी मित्र मंडली में रहे हैं।
राष्ट्रपति इन लोगों को कई बार दिल्ली भी बुला चुके हैं। नगर पालिका अध्यक्ष सत्यप्रकाश संखवार को राजनीति में आगे लाने में उन्हीं का योगदान है। इतना ही नहीं वह क्षेत्र के लोगों की समस्याओं के निराकरण में पूरा सहयोग करते रहे। बिहार का राज्यपाल बनने के बाद पुखरायां आने पर भी उन्होंने सभी से मुलाकात की थी।