नवाबगंज के परमियापुरवा इलाके में मंगलवार को कूड़ा फेंकने घर से निकला बुजुर्ग नाले में फिसल कर गिर गया। परिजनों ने काफी देर तक उनकी तलाश की लेकिन उनका पता नहीं चला जबकि कूड़ा भरी बोरी नाले के किनारे पड़ी मिली। कई घंटे बाद चिड़ियाघर तिराहे के पास नाले में बुजुर्ग का शव फंसा मिला। पुलिस ने शव को बाहर निकलवाकर पोस्टमाॅर्टम के लिए भेजा है।
ख्योरा निवासी रज्जन लाल (69) की मोहल्ले में पंचर की दुकान थी। कुछ समय से अस्वस्थता के चलते वह घर पर ही रहते थे। उनकी पत्नी सौभाग्यवती फजलगंज स्थित फैक्टरी में नौकरी करती हैं। बेटे आशीष ने बताया कि चार जून को पिता का पथरी का ऑपरेशन हुआ था। डॉक्टरों ने उन्हें आराम करने और धीरे-धीरे चलने-फिरने की हिदायत दी थी। मंगलवार दोपहर रज्जन ने घर की सफाई की और बोरी में कूड़ा भरकर फेंकने के लिए निकले थे लेकिन कई घंटे बाद भी वह घर नहीं लौटे। परिजनों और पड़ोसियों ने उनकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान नाले के पास कूड़े से भरी बोरी पड़ी मिली। इससे आशंका गहरा गई कि कहीं वह नाले में तो नहीं गिर गए। इसी बीच सूचना मिली कि चिड़ियाघर तिराहे पर नाले में एक शव फंसा है। पुलिस और परिजन मौके पर पहुंचे तो शव की शिनाख्त की। आशीष के अनुसार बारिश के कारण नाले के किनारे फिसलन थी। आशंका है कि कूड़ा फेंकते समय पैर फिसलने से पिता नाले में जा गिरे हों। आसपास के लोगों ने भी बताया कि नाला ढका न होने से हादसे होने की आशंका बनी रहती है।