दोनों खातों से कुल 9,94,195 रुपये निकाले
कुल 4,99,195 रुपये निकाले गए। वहीं, उनकी पत्नी के खाते से नौ अक्तूबर की रात 11:20 से 11:23 बजे के बीच तीन ट्रांजेक्शन में दो लाख, 95 हजार और दो लाख रुपये निकाले गए। इस तरह दोनों खातों से कुल 9,94,195 रुपये निकाल लिए गए। पीड़ित ने मोबाइल के पुराने संदेश खंगाले, तो पता चला कि आठ अक्तूबर को दोनों खातों की इंटरनेट बैंकिंग का लॉगइन पासवर्ड बनाया गया था। साथ ही, नए पेयी के रूप में अशसदुल हक का नाम जोड़े जाने का संदेश भी मिला।
विनोद कुमार ने तीन शिकायतें दर्ज कराई थीं
पीड़ित के मुताबिक, नौ अक्तूबर को उनके मोबाइल से एक लिंक दूसरे नंबर पर भेजा गया था। बुजुर्ग को आशंका है कि साइबर ठगों ने मोबाइल पर नियंत्रण हासिल कर इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से बैंक खातों तक पहुंच बनाई और रकम निकाल ली। विनोद कुमार ने 10 अक्तूबर को साइबर हेल्पलाइन 1930 और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर तीन शिकायतें दर्ज कराई थीं। इसके बाद 12 अक्तूबर को साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई।