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एकता गुप्ता हत्याकांड: पुलिस की ढिलाई से शव बना कंकाल, 1011 दिन से डीएनए रिपोर्ट का है इंतजार, कल होगी गवाही

Thu, 08 Oct 2026 08:54 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: एकता गुप्ता हत्याकांड मामले में चार महीने की शुरुआती पुलिसिया ढिलाई के कारण शव कंकाल में तब्दील हो गया और अब 1011 दिन बीत जाने के बाद भी डीएनए रिपोर्ट का इंतजार खत्म नहीं हुआ है।  
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Kanpur Ekta Murder Case - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में कल्याणपुर का विनीत मिनोचा हत्याकांड हो या रावतपुर का उमा हत्याकांड इन दोनों की तरह ही दो साल पहले कोतवाली क्षेत्र से मिले कंकाल के मामले में पुलिसिया लापरवाही कम नहीं रही है। मामला है एकता गुप्ता हत्याकांड का, जिसमें पुलिस चार माह तक अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कर हाथ पर हाथ धरे बैठी रही और महिला की हत्या भी हो गई।

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इसके बाद में जब आरोपी पकड़ा गया, तो उसकी निशानदेही पर महिला का शव नहीं बल्कि कंकाल ही हाथ लगा, जिसकी डीएनए रिपोर्ट आज तक नहीं आ सकी। अब दावा किया जा रहा है कि एक माह के भीतर डीएनए रिपोर्ट आने से साबित हो जाएगा कि बरामद कंकाल किसका है। 

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नशीला पदार्थ खिलाकर अपहरण का लगाया था आरोप
सिविल लाइंस निवासी राहुल गुप्ता ने 24 जून 2024 को पत्नी एकता के अपहरण की रिपोर्ट कोतवाली में दर्ज कराई थी। एकता के जिम ट्रेनर शक्कर मिल खलवा निवासी विमल कुमार उर्फ विमल सोनी पर नशीला पदार्थ खिलाकर अपहरण करने का आरोप लगाया गया था। चार माह बाद पुलिस ने 26 अक्तूबर 2026 को विमल को गिरफ्तार कर पूछताछ की, तो एकता की हत्या का राज खुला। 

Kanpur Ekta Murder Case - फोटो : अमर उजाला
70 पेज की चार्जशीट कोर्ट भेजी गई थी
विमल की निशानदेही पर ही डीएम आवास से सटे ऑफीसर्स क्लब परिसर से खुदाई कर एकता की हड्डियां व कंकाल बरामद करने का दावा किया गया था। विमल के खिलाफ 70 पेज की चार्जशीट कोर्ट भेजी गई। उस पर कोर्ट ने अपहरण, हत्या व सबूत मिटाने की धाराओं में आरोप तय करने के साथ ही मुकदमे की सुनवाई भी शुरू कर दी।

डीएनए रिपोर्ट 1011 दिनों में भी न आ सकी
पुलिस सूत्रानुसार किसी भी आमतौर पर किसी भी कंकाल की डीएनए की रिपोर्ट 45 दिनों से 90 दिनों के भीतर आ जाती है। एकता के मामले में पहली लापरवाही तो आरोपी की गिरफ्तारी में हुई। चार माह का समय मिट्टी में दफन शव को कंकाल बनाने के लिए काफी होता है और एकता केस में भी यही हुआ, जब तक शव मिला, तब तक वह कंकाल बन चुका था। रही सही कसर बाद के अधिकारियों ने पूरी कर दी। फजीहत से बचने के लिए डीएनए रिपोर्ट जल्द से जल्द मंगाने का मानो कोई प्रयास ही नहीं किया गया। इसके बाद कुछ अधिकारियों और कोतवाली प्रभारी का तबादला हुआ, फिर नए लोगों ने चार्जशीट को ही केस की अंतिम कार्रवाई मानकर चुप्पी साध ली।
 

ekta murder case - फोटो : amar ujala
मामले में डीएनए रिपोर्ट का महत्व
जिस वक्त गड्ढे से कंकाल निकाला गया था, तब ऑफिसर क्लब के गड्ढे की मिट्टी और कंकाल से मिली मिट्टी एक ही पाई गई थी। इससे यह तो साफ हो गया था कि शव ऑफीसर क्लब से ही निकाला गया था, लेकिन कंकाल किसका था, इसका पता लगाने के लिए डीएनए रिपोर्ट ही आवश्यक है।

कल होगी फॉरेंसिक के हेड कांस्टेबल की गवाही
एडीजीसी संजय कुमार झा ने बताया कि एकता के पति राहुल गुप्ता, एकता के भाई हिमांशु गुप्ता के अलावा एफएसएल के वैज्ञानिक, पंचायतनामा भरने वाली महिला दरोगा, पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर के बयान हो चुके हैं। इसके अलावा पहले विवेचक राष्ट्रदीप सिंह की गवाही भी पूरी हो चुकी है। इन्होंने ही विमल की गिरफ्तारी और फिर उसकी निशानदेही पर एकता के कंकाल की बरामदगी की बात बताई है। अब नौ अक्तूबर को फॉरेंसिक के हेड कांस्टेबल की गवाही पूरी कराई जाएगी। फिलहाल डीएनए रिपोर्ट आने का इंतजार है।

,ekta gupta murder - फोटो : amar ujala
एक नजर में घटना...
  • 24 जून 2024 को पति राहुल ने पत्नी एकता के अपहरण की रिपोर्ट कोतवाली में दर्ज कराई थी।
  • 26 अक्टूबर 2024 को पुलिस ने एकता के जिम ट्रेनर विमल सोनी को गिरफ्तार कर जेल भेजा।
  • 8 मई 2025 को सेशन कोर्ट में विमल के खिलाफ अपहरण, हत्या व सबूत मिटाने की धाराओं में आरोप तय किए गए।
  • 19 नवंबर 2025 को अपर जिला जज सप्तम की अदालत से विमल की जमानत अर्जी खारिज हुई।
  • 5 अगस्त 2026 को हाईकोर्ट से विमल की जमानत याचिका खारिज हुई लेकिन छह माह में मुकदमे के निस्तारण के निर्देश दिए गए।
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एकता गुप्ता केस की गंभीरता को देखते हुए ही पिछले सप्ताह ही डीएनए की रिपोर्ट जल्द उपलब्ध कराने के लिए एफएसएल के अधिकारी को पत्र लिखा गया है। प्रयास किया जा रहा है कि एक माह के भीतर कंकाल की रिपोर्ट मिल जाए, जिससे केस में और स्पष्टता लाई जा सके। -अमित कुमार पांडे, एसीपी कोतवाली
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