नशीला पदार्थ खिलाकर अपहरण का लगाया था आरोप
सिविल लाइंस निवासी राहुल गुप्ता ने 24 जून 2024 को पत्नी एकता के अपहरण की रिपोर्ट कोतवाली में दर्ज कराई थी। एकता के जिम ट्रेनर शक्कर मिल खलवा निवासी विमल कुमार उर्फ विमल सोनी पर नशीला पदार्थ खिलाकर अपहरण करने का आरोप लगाया गया था। चार माह बाद पुलिस ने 26 अक्तूबर 2026 को विमल को गिरफ्तार कर पूछताछ की, तो एकता की हत्या का राज खुला।
Kanpur Ekta Murder Case
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70 पेज की चार्जशीट कोर्ट भेजी गई थी
विमल की निशानदेही पर ही डीएम आवास से सटे ऑफीसर्स क्लब परिसर से खुदाई कर एकता की हड्डियां व कंकाल बरामद करने का दावा किया गया था। विमल के खिलाफ 70 पेज की चार्जशीट कोर्ट भेजी गई। उस पर कोर्ट ने अपहरण, हत्या व सबूत मिटाने की धाराओं में आरोप तय करने के साथ ही मुकदमे की सुनवाई भी शुरू कर दी।
डीएनए रिपोर्ट 1011 दिनों में भी न आ सकी
पुलिस सूत्रानुसार किसी भी आमतौर पर किसी भी कंकाल की डीएनए की रिपोर्ट 45 दिनों से 90 दिनों के भीतर आ जाती है। एकता के मामले में पहली लापरवाही तो आरोपी की गिरफ्तारी में हुई। चार माह का समय मिट्टी में दफन शव को कंकाल बनाने के लिए काफी होता है और एकता केस में भी यही हुआ, जब तक शव मिला, तब तक वह कंकाल बन चुका था। रही सही कसर बाद के अधिकारियों ने पूरी कर दी। फजीहत से बचने के लिए डीएनए रिपोर्ट जल्द से जल्द मंगाने का मानो कोई प्रयास ही नहीं किया गया। इसके बाद कुछ अधिकारियों और कोतवाली प्रभारी का तबादला हुआ, फिर नए लोगों ने चार्जशीट को ही केस की अंतिम कार्रवाई मानकर चुप्पी साध ली।
मामले में डीएनए रिपोर्ट का महत्व
जिस वक्त गड्ढे से कंकाल निकाला गया था, तब ऑफिसर क्लब के गड्ढे की मिट्टी और कंकाल से मिली मिट्टी एक ही पाई गई थी। इससे यह तो साफ हो गया था कि शव ऑफीसर क्लब से ही निकाला गया था, लेकिन कंकाल किसका था, इसका पता लगाने के लिए डीएनए रिपोर्ट ही आवश्यक है।
कल होगी फॉरेंसिक के हेड कांस्टेबल की गवाही
एडीजीसी संजय कुमार झा ने बताया कि एकता के पति राहुल गुप्ता, एकता के भाई हिमांशु गुप्ता के अलावा एफएसएल के वैज्ञानिक, पंचायतनामा भरने वाली महिला दरोगा, पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर के बयान हो चुके हैं। इसके अलावा पहले विवेचक राष्ट्रदीप सिंह की गवाही भी पूरी हो चुकी है। इन्होंने ही विमल की गिरफ्तारी और फिर उसकी निशानदेही पर एकता के कंकाल की बरामदगी की बात बताई है। अब नौ अक्तूबर को फॉरेंसिक के हेड कांस्टेबल की गवाही पूरी कराई जाएगी। फिलहाल डीएनए रिपोर्ट आने का इंतजार है।
एकता गुप्ता केस की गंभीरता को देखते हुए ही पिछले सप्ताह ही डीएनए की रिपोर्ट जल्द उपलब्ध कराने के लिए एफएसएल के अधिकारी को पत्र लिखा गया है। प्रयास किया जा रहा है कि एक माह के भीतर कंकाल की रिपोर्ट मिल जाए, जिससे केस में और स्पष्टता लाई जा सके। -अमित कुमार पांडे, एसीपी कोतवाली