जमीन सरकार ने पहले ही अधिग्रहण कर रखी थी
इरशाद ने गज्जूपुरवा में जमीन दिखाते हुए 1.65 करोड़ रुपये में बेचने की बात कही। सौदा तय होने पर रुपये दे दिए। संपत्ति हस्तांतरित करने के बजाय जमीन की कीमत दोगुनी कर दी। आरोप है कि बड़ी रकम फंसी होने के कारण दोबारा 1.65 करोड़ रुपये दे दिए। इसके बाद भी बैनामा नहीं किया गया। जमीन के बारे में पता लगाने पर मालूम हुआ कि जमीन सरकार ने पहले ही अधिग्रहण कर रखी है।
तीन नामजद व छह अज्ञात के खिलाफ एफआईआर
जब दिए हुए 3.30 करोड़ रुपये वापस मांगे, तो आरोपी अपने ने 13 सितंबर को साथी मो. उजैर व अन्य लोगों के साथ शॉप पर आकर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देते हुए 60 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। पीड़ित ने मामले की शिकायत सयुंक्त पुलिस आयुक्त अपराध एवं मुख्यालय से की। बेकनगंज इंस्पेक्टर मो. मतीन के अनुसार तहरीर के आधार पर तीन नामजद व छह अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच की जा रही है।