अरबों रुपये का गबन करके राशिद हो गया था फरार
साइन सिटी का माल समझकर बगल में ही बने प्लॉट में रह रहे दरोगा के मकान पर भी चोरों ने हाथ साफ किए, जिसका पुलिस आज तक खुलासा नहीं कर पाई। 2019 में अचानक सभी जिलों में स्थित साइन सिटी के समस्त कार्यालय बंद हो गए और अरबों रुपये का गबन करके राशिद फरार हो गया। इसके बाद 19 अक्टूबर 2023 में जब ईडी द्वारा दोबारा कार्रवाई की गई, तो वहां पर ताला लग गया था। गार्ड की भी छुट्टी कर दी गई, जिसका फायदा उठाकर चोरों ने वहां पर रखे एक बड़े डीजी जनरेटर से चोरी की शुरुआत की।
मुख्य द्वार को भी खोलने का प्रयास शुरू
फिर धीरे-धीरे देखते ही देखते वहां पर लगे सैकड़ों की संख्या में विद्युत पोल, खिड़की, दरवाजे, गेट, जंगले सबमर्सिबल मोटर, कांच के दरवाजे, मॉल के अंदर रखा आरओ वॉटर प्लांट सिस्टम, प्लास्टिक का सामान ईंटे व बालू, मौरंग को भी नहीं छोड़ा। कई प्लॉट मालिकों ने चोरी की शिकायत स्थानीय चौकी में की, लेकिन हर बार मामला ठंडे बस्ते में चला गया। वर्तमान स्थिति यह है कि चोरों द्वारा साइन सिटी के बाहर लगे बड़े मुख्य द्वार को भी खोलने का प्रयास शुरू हो चुका है।
चोरियों पर शासन-प्रशासन चुप क्यों है
लोहे के बड़े-बड़े गाटरों को काटकर चोरों ने बेचना शुरू कर दिया है। ईडी द्वारा जब्त की गई संपत्ति पर इस तरह से चोरों द्वारा हाथ साफ किए जाने की घटना से हर कोई स्तब्ध है। ग्रामीणों ने कहा लगभग दो वर्षों से लगातार हो रही चोरियों पर शासन - प्रशासन चुप क्यों है। इस पर किसका हाथ है, इसकी जांच होनी चाहिए। ऐसी स्थिति में चोरों के हौसले बुलंद हो रहे हैं।
जांच कर की जाएगी कार्रवाई
नरवल उपजिलाधिकारी विवेक कुमार मिश्रा ने बताया कि 2023 में ईडी द्वारा कार्रवाई की गई थी। ऐसी जानकारी प्राप्त हुई है, लेकिन वहां की संपत्ति उससे जुड़ी हर चीज ईडी ने अपने अंडर में जब्त किया था। उस पर किसी अन्य प्रशासनिक अमले को अटैच नहीं किया था। मामला राजस्व से जुड़ा होने के कारण कार्रवाई के दौरान सिर्फ स्थानीय लेखपाल मौजूद थे। फिर भी प्रकरण संज्ञान में आया है, जांच कर कार्रवाई की जाएगी।