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Kanpur: तेज आंधी में ढही ड्रम गोदाम की दीवार, पांच लोग दबे, बुजुर्ग की मौत, हादसे के बाद मची चीख-पुकार

Sat, 12 Apr 2025 07:43 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: तेज आंधी में ड्रम गोदाम की दीवार ढह गई। हादसा कलक्टरगंज थानाक्षेत्र के कोपरगंज इलाके में हुआ। हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई।
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ढही ड्रम गोदाम की दीवार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कलक्टरगंज थानाक्षेत्र में शुक्रवार देर रात तेज आंधी के कारण ड्रम गोदाम की जर्जर दीवार दो झोपड़ियों पर भरभराकर गिर गई। हादसे में झोपड़ी में सो रहे छह लोग मलबे के नीचे दब गए। चीखपुकार मचने पर आसपास के लोग मदद को दौड़े। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद घायलों को मलबे से निकालकर हैलट पहुंचाया जहां एक बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया।

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कोपरगंज मड़इया निवासी कविता बारादेवी में सब्जी बेचने का काम करती है। वह ड्रम गोदाम की दीवार से सटी झोपड़ी में दो बेटों प्रिंस, हरिओम व बेटी प्रियंका के साथ रहती हैं। पति प्रदीप का पांच वर्ष पहले निधन हो चुका है। बताया कि उनके ठीक बगल में 78 वर्षीय शांति अपने पति अर्जुन (80) के साथ रहती थीं। बताया कि शुक्रवार देर रात 12:30 बजे वह लोग अपनी-अपनी झोपड़ी में सो रहे थे। इसी दौरान ड्रम के गोदाम की जर्जर दीवार तेज आंधी के कारण उन दोनों की झोपड़ी पर गिर गई। उन लोगों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मदद को दौड़े। इस बीच सूचना पाकर कलक्टरगंज पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को हैलट पहुंचाया। वहां इलाज के दौरान कुछ देर बाद डॉक्टर ने अर्जुन को मृत घोषित कर दिया। वहीं, घायल प्रिंस, हरिओम, प्रियंका और शांति का इलाज चल रहा है।

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घायल अस्पताल में भर्ती - फोटो : अमर उजाला
सारा सामान हुआ बर्बाद
कविता ने बताया कि उन लोगों के पास रहने का कोई ठिकाना नहीं है। इसलिए वह लोग वर्षों से ड्रम गोदाम की दीवार के सहारे झोपड़ी बनाकर रह रहे थे। बड़ा बेटा प्रिंस वेटर का काम करता है जबकि 78 वर्षीय शांति घरों में बर्तन चौका और अर्जुन मजदूरी करके काम चलाते थे। पीड़ितों का रो-रोकर बुरा हाल था।
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