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Exclusive: सोलर से जीरो बिल का सपना, स्मार्ट मीटर से लगा बिजली का झटका, अफसर दे रहे तकनीकी खराबी का हवाला

Fri, 08 May 2026 09:31 AM IST
Himanshu Awasthi रजत यादव, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: कानपुर में सोलर पैनल लगवाने के बाद जिन उपभोक्ताओं का बिजली बिल शून्य हो गया था। स्मार्ट मीटर लगने के बाद उन्हें फिर से भारी-भरकम बिल मिल रहे हैं। विभाग की इस तकनीकी लापरवाही से हजारों लोग परेशान हैं और सब्सिडी न मिलने से आक्रोश बढ़ रहा है।
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सोलर पैनल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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करीब 10 माह पहले सोलर पैनल लगवाया था। घर पर नया स्मार्ट पोस्टपेड मीटर भी लगा था लेकिन बिजली बिल शून्य आने लगा था। बीते 15 दिन पहले अचानक बिजली कट गई। जानकारी पर पता चला कि 1500 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से 15 हजार रुपये बिल बकाया है। इसके बाद केस्को पहुंचकर समस्या बताई तो तकनीकी खराबी की बात कहकर आंशिक भुगतान कर बिजली चालू कराई। दो दिन बाद फिर कट गई तो पांच हजार रुपये जमा करके बिजली चालू हो सकी। अभी तक पूरी तरह से समस्या का निस्तारण नहीं हुआ है। 

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-दिव्या प्रकाश, कल्याणपुर


 

अक्तूबर में सोलर पैनल लगवाया था। इस महीने अचानक 8,395 रुपये बिजली का बकाया बताया जा रहा है। जमा न करने पर बिजली कटने का मैसेज आ रहा है। इस पर हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराई तो जानकारी दी गई कि कोई बकाया नहीं है। हालांकि बिजली तो नहीं कटी लेकिन यह नहीं पता चल सका है कि इतना बैलेंस कैसे दिखा रहा है। सोलर पैनल नहीं लगा था तो हर माह करीब चार हजार का बिल आता था।  -अभिषेक सेठ, बर्रा- चार

कानपुर में सोलर लगवाकर बिजली बिल से राहत पाए लोगों की नींद स्मार्ट मीटर ले उड़ा है। हजारों परिवारों ने अपनी जमापूंजी लगाकर घरों की छतों पर सोलर पैनल लगवाए। कुछ महीनों तक जिन घरों में कभी आठ-दस हजार रुपये तक बिजली बिल आता था, वहां बिल लगभग शून्य हो गया। इसके बाद स्मार्ट मीटर लगे तो वही परिवार फिर बिजली बिल के मैसेज और बकाया बिल देखकर परेशान होने लगे। ये लोग नेडा से केस्को तक के अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं।
इन लोगों का कहना है कि जब घर की बिजली सोलर से बन रही है, अतिरिक्त बिजली ग्रिड में जा रही है तो फिर स्मार्ट मीटर आखिर किस चीज का बिल भेज रहा है। इसका जवाब किसी के पास नहीं है। सब अफसर तकनीकी खराबी का हवाला दे रहे हैं। बीते तीन वर्ष में जिले के 30962 घरों की छतों पर सोलर पैनल लग चुका है। अभी 15 हजार लोग लगवाने के लिए प्रयासरत में हैं। तीन वर्षों में जिले में कुल 45974 लोगों ने सोलर पैनल के लिए आवेदन किया था।

पैनल लगवाने के बाद बिल शून्य हो गया था
जिन घरों में गर्मी के महीने में 10 से 15 हजार रुपये का बिल आ रहा था। पैनल लगवाने के बाद उनका बिल शून्य हो गया था। लोग बिजली बिल भरने की समस्या को लेकर चिंतामुक्त हो गए थे। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (नेडा) के मुताबिक जिले में पांच से छह हजार से ज्यादा घरों का बिजली बिल लगभग शून्य हो चुका है। अब सबसे बड़ा विवाद नेट मीटरिंग और स्मार्ट मीटर की गणना को लेकर खड़ा हो रहा है।

अब दोहरी मार पड़ रही है
उपभोक्ताओं का आरोप है कि विभाग ने सोलर उपभोक्ताओं को पूरी जानकारी दिए बिना स्मार्ट मीटर लगा दिए। लोगों को समझ ही नहीं आ रहा कि जो रकम दिखाई जा रही है वह वास्तविक बिल है, फिक्स चार्ज है या किसी तकनीकी समायोजन का हिस्सा। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्होंने बैंक से कर्ज लेकर सोलर लगवाया था, ताकि बिजली खर्च से राहत मिल सके लेकिन अब दोहरी मार पड़ रही है।

850 लोगों को अभी नहीं मिली सब्सिडी
जिले में वित्तीय वर्ष 2026-27 में कुल 45974 लोगों ने सोलर पैनल आवेदन करने वालों की संख्या पहुंची। इसमें से 30962 घरों पर सोलर इंस्टॉल भी हो चुका है। इनको सब्सिडी दिलाने के लिए वेंडरों ने 28601 घरों का सत्यापन किया। 27751 लोगों के खातों में सब्सिडी पहुंच चुकी। अभी तक करीब 850 लोगों को सब्सिडी नहीं मिल सकी है। इसमें करीब 176 लोग ऐसे हैं जिनके बैंक खाते में गलती के कारण उन्हें सब्सिडी नहीं मिल पा रही है। शेष लोगों के घर कंपनी वेंडरों की तरफ से सर्वे नहीं किया गया जिसकी वजह से सब्सिडी नहीं पहुंच सकी है।

एक नजर आंकड़ों पर

वर्ष                  कुल         आवेदन लगे     पैनल सत्यापन   सब्सिडी मिली
2025-26       45233         27790               25817              25049
2026-27       45974         30962               28601               27751
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केस्को के पोर्टल पर तकनीकी खराबी के कारण सोलर पैनल लगे कई लोगों के घरों पर बिजली बिल पहुंच गए थे। कई उपभोक्ता कार्यालय में शिकायत लेकर आए थे उनका निस्तारण कराया गया है। जल्द ही सभी के बिल सही होकर बिल शून्य होगा।  -राकेश पांडेय, परियोजना अधिकारी, नेडा
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