इंटरमीडिएट यूपी बोर्ड में कम अंक पाने वाले छात्र परेशान न हो। छत्रपति शाहूजी महाराज विवि ने ऐसे छात्रों के लिए कई प्रोफेशनल कोर्स संचालित किए हैं। छात्र विवि की वेबसाइट पर पंजीकरण कर इनमें सीधे प्रवेश ले सकते हैं। इसके अलावा सीयूईटी यूजी प्रवेश परीक्षा के स्कोर के आधार पर देश के कई अच्छे कॉलेजों में दाखिला ले सकते हैं।
विवि में छात्रों के लिए कई नए कोर्स की शुरुआत की गई है। इस साल 32 नए कोर्स संचालित किए जाएंगे। विवि के कुछ कोर्स में दाखिले प्रवेश परीक्षा के माध्यम से तो अधिकतम कोर्स में सीधे होगा। अगर किसी विषय के लिए सीट से अधिक आवेदन आ जाते हैं तो मेरिट के आधार पर दाखिला लिया जाएगा। छात्र अपने मन का विषय चुन कर सकें, इसके लिए 12वीं के न्यूनतम अंकों को आधार बनाया है। विवि की वेबसाइट पर उपलब्ध डाटा के अनुसार छात्र कई विषयों में आसानी से प्रवेश ले सकते हैं। इसके अलावा 10वीं पास छात्रों के लिए कई सर्टिफिकेट कोर्स भी उपलब्ध है।
बीएससी ऑनर्स बायोटेक्नोलॉजी की 240 सीटों, बीएससी आनर्स बायोलॉजिकल की 50 सीटों, बीएससी-एमएससी इंटीग्रेटेड बायोटेक्नोलॉजी की 50 सीटों पर 40 फीसदी अंक पाने वाले छात्र दाखिला ले सकते हैं। फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ से आनर्स, होटल मैनेजमेंट, जर्नलिज्म, बीपीएड, बीपीईएस, बीएससी इन योगा साइंसेज, बीए ऑनस इकोनॉमिक्स, बीए ऑनर्स फिलॉसिफी, बीए ऑनर्स पॉलिटिकल साइंसेज, बीए ऑनर्स विद रिसर्च, बीए ऑनर्स साइकोलॉजी जैसे विषयों में भी 40 फीसदी अंक प्राप्त करने वाले छात्र सीधे दाखिला ले सकते हैं।
स्कूल ऑफ हेल्थ साइसेंस : बैचलर इन ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी (40 सीट, चार साल अवधि), बैचलर इन डायलिसिस थेरेपी टेक्नोलॉजी (40 सीट, चार साल अवधि), मास्टर इन मेडिकल रेडियोलॉजी एंड इमेजिंग टेक्निक्स (30 सीट, दो साल अवधि) व मास्टर इन ऑप्टोमेट्री (30 सीट, दो साल अवधि)
स्कूल ऑफ बेसिक साइंसेस : सर्टिफिकेट इन वैदिक गणित (20 सीट, छह माह अवधि), एमएससी इन मैथमेटिक्स विथ आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस एंड डाटा साइंस (30 सीट, दो साल अवधि), एमएससी इन इनवायरमेंट सस्टेनेबिल्टी एंड गवर्नेंस (15 सीट, दो साल अवधि), एमएससी इन फ्रेगरेंस एंड फ्लेवर केमिस्ट्री (15 सीट, दो साल अवधि)
स्कूल ऑफ आर्ट्स ह्यूमिनिटीज एंड सोशल साइंसेस : बीएससी क्लीनिकल साइकोलॉजी (20 सीट, चार साल अवधि), एमए क्लीनिकल साइकोलॉजी (30 सीट, दो साल अवधि)
स्कूल ऑफ लाइफ साइंस एंड बायोटेक्नोलॉजी : एमएससी इन फोरेंसिक साइंस (20 सीट, दो साल अवधि)
स्कूल ऑफ लीगल स्टडीज : एलएलएम का नया कोर्स (120 सीट, एक साल अवधि)
स्कूल ऑफ लैंग्वेज : सर्टिफिकेट कोर्स इन रशियन (20 सीट, एक साल अवधि), सर्टिफिकेट कोर्स इन स्पेनिश (20 सीट, एक साल अवधि), सर्टिफिकेट कोर्स इन मंडारिन (20 सीट, एक साल अवधि)
आचार्य विद्यासागर सुधासागर जैन शोधपीठ : एमए-जैन दर्शन (30 सीट, दो साल अवधि), एमए-प्रक्रित (50 सीट, दो साल अवधि), डिप्लोमा इन प्रक्रित (30 सीट, दो साल अवधि), डिप्लोमा इन जैन विधि-विधान (50 सीट, दो साल अवधि), डिप्लोमा इन वास्तु, ज्योतिष मुहूर्त (50 सीट, दो साल अवधि), सर्टिफिकेट इन जैन दर्शन (30 सीट, एक साल अवधि), सर्टिफिकेट इन प्रक्रित (30 सीट, एक साल अवधि), सर्टिफिकेट इन जैन विधि-विधान (50 सीट, एक साल अवधि), सर्टिफिकेट इन वास्तु, ज्योतिष मुहूर्त (50 सीट, एक साल अवधि)
दीनदयाल शोध केंद्र : पीजी डिप्लोमा इन वास्तु शास्त्र (30 सीट, एक साल अवधि)
स्कूल ऑफ टीचर एजुकेशन : इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम-साइंस एंड आर्ट (50 सीट, चार अवधि), सर्टिफिकेट कोर्स ऑन एजुकेशन लीडरशिप एंड मैनेजमेंट (30 सीट, छह माह अवधि)
सीएसजेएमयू से बीटेक के लिए 10 मई तक करें आवेदन
छत्रपति शाहूजी महाराज विवि के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (यूआईईटी) में बीटेक के लिए आवेदन प्रक्रिया चल रही है। छात्र 10 मई तक आवेदन कर सकते हैं। पहली काउंसलिंग 12 मई को होगी। वहीं, तीन काउंसलिंग के बाद भी सीटें बचती हैं तो छात्रों को सीधे प्रवेश मिल सकता है।
जेईई मेन और यूपी बोर्ड का परिणाम जारी होने के बाद विवि में दाखिले के लिए हलचल बढ़ी है। यूआईईटी में दाखिले के लिए छात्र सीएसजेएमयू की वेबसाइट खंगाल रहे हैं। यहां छात्रों को प्रवेश के लिए 1500 रुपये देकर 10 मई तक पंजीकरण कराना होगा। पहले राउंड की काउंसलिंग 12 मई को होगी। 13-15 मई तक सीटें फ्लोट और फ्रीज करनी होंगी। 17 मई को दस्तावेजों का सत्यापन होगा। दूसरे राउंड से पंजीकरण 13 से 27 मई तक चलेगा। 29 मई से दूसरे राउंड की काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होगी। चार जून को दस्तावेजों का सत्यापन होगा। तीसरे राउंड का पंजीकरण 30 मई से 16 जून को होगा। 19 से 22 जून दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। यूआईईटी निदेशक प्रो. बृष्टि मित्रा ने कहा कि दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो गई है। छात्रों ने आवेदन शुरू कर दिया है। अभी तक इन तिथियों के अनुसार ही काउंसलिंग होगी। अगर कुछ बदलाव होगा विवि की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाएगा।