डॉक्टरों ने पोस्टमॉर्टम हाउस प्रभारी का फोन भी नहीं उठाया
वजह पूछी तो प्रभारी ने बताया कि महीने की एक से सात तारीख उर्सला के डॉक्टरों की ड्यूटी में हर बार लापरवाही करते है। चकेरी के मृतक प्रशांत के ताऊ जयकरन ने बताया कि सुबह से वह लोग इंतजार कर रहे हैं। कब पोस्टमार्टम होगा और कब वह लोग महोबा शव लेकर जाएंगे। इसी तरह सचेंडी निवासी बंदी रामपाल का शव गुरुवार दोपहर आ गया था, लेकिन पैनल की प्रक्रिया में दो दिन से बैठे हैं। डॉक्टरों ने पोस्टमॉर्टम हाउस प्रभारी का फोन भी नहीं उठाया।
परिजनों ने उच्चाधिकारियों से शिकायत की बात कही
पीड़ित परिजन ठंड में ठिठुरते रहे। परिजन कार्यालय आकर फार्मासिस्ट से जानकारी करने लगे, जिस पर फार्मासिस्ट ने डॉक्टरों के न आने की जानकारी दी। परिजन गुस्सा गए और शिकायत उच्चाधिकारियों से करने की बात कही। उन्होंने पोस्टमॉर्टम हाउस प्रभारी डॉ. नवनीत चौधरी से शिकायत की। उन्होंने डॉक्टरों से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन ड्यूटी पर न पहुंचने वाले दोनों डॉक्टरों ने फोन ही नहीं उठाया।