क्रॉसिंग बंद होने से लगने वाले जाम से मिलेगी निजात
इसके अलावा कालिंदी सहित अन्य लंबे रूटों की ट्रेनों को शिकोहाबाद से टूंडला के रास्ते कानपुर सेंट्रल लाकर आगे भेजा जाएगा। कुछ ट्रेनें निरस्त भी की जा सकती हैं। इस एलिवेटेड रेलवे ट्रैक निर्माण से जीटी रोड की 17 क्रॉसिंग खत्म हो जाएंगी। करीब 50 लाख शहरवासियों को हर दिन ट्रेन आने के दौरान क्रॉसिंग बंद होने से लगने वाले जाम से निजात मिलेगी। इसके निर्माण में करीब 1100 करोड़ की लागत आएगी जो बाद में बढ़ भी सकती है।
इन ट्रेनों का होता है संचालन
14117 कालिंदी एक्सप्रेस, 54157 कानपुर-फर्रुखाबाद पैसेंजर, 19402 लखनऊ-अहमदाबाद एक्सप्रेस, 15083 छपरा-फर्रुखाबाद एक्सप्रेस, 54155 कानपुर सेंट्रल-फर्रुखाबाद पैसेंजर 15083 उत्सर्ग एक्सप्रेस, 15037 कानपुर अनवरगंज-कासगंज एक्सप्रेस सहित अन्य।
146 साल बाद दो स्टेशन होंगे खत्म
इन एलिवेटेड रेलवे ट्रैक निर्माण के बाद 146 साल पहले बने दो स्टेशन रेलवे के नक्शे से एक साथ खत्म हो जाएंगे। रावतपुर और कल्याणपुर रेलवे स्टेशन खत्म कर दिए जाएंगे जिसकी मंजूरी हाल ही में रेलवे बोर्ड ने दी है। साल 1880 में कन्नौज से डाली गई रेल लाइन चालू होने के बाद यह रेलवे स्टेशन चालू हुए थे। दोनों स्टेशनों पर हर दिन करीब 30 हजार से अधिक यात्री आते-जाते हैं।
नए स्टेशन के लिए बन रहीं चार ड्राइंग
रावतपुर और कल्याणपुर रेलवे स्टेशन का अस्तित्व समाप्त होने के बाद जीटी रोड पर ही दलहन अनुसंधान की भूमि पर नया अटल बिहारी रेलवे स्टेशन बनना है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, यह अत्याधुनिक रेलवे स्टेशन होगा जिसे मेट्रो से भी जोड़ा जाएगा। इसके लिए अलग-अलग तरह की चार ड्राइंग बनाई जा रही हैं। दो तैयार हैं, जबकि दो पर रेलवे आर्किटेक्ट काम कर रहे हैं। 15 से 20 दिन में इन्हें पूरा कर बोर्ड को सौंपा जाएगा जहां से एक ड्राइंग पर मुहर लगेगी और फिर निर्माण कार्य तुरंत चालू कराया जाएगा।
एलिवेटेड रेलवे ट्रैक के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य धीमी गति से चल रहा है। इसके पूरा होने तक काम आगे नहीं बढ़ सकता। भूमि मिलने के बाद ट्रेनों का डायवर्जन की रूपरेखा तैयार हो सकेगी। -पंकज कुमार, सीपीआरओ, पूर्वाेत्तर रेलवे