बसपा नेता पिंटू सेंगर हत्याकांड में जेल में बंद दीनू उपाध्याय को सोमवार सुबह कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ की। इसके बाद उसे नवाबगंज के रैना मार्केट स्थित कार्यालय और आवास ले गई। इस दौरान दीनू अपनेे कर्मों को याद कर फूट फूट कर रोया। हालांकि पुलिस रिमांड के दौरान न तो दीनू का मोबाइल बरामद कर सकी न ही केस से संबंधित कोई महत्वपूर्ण दस्तावेज। दोपहर करीब चार बजे पुलिस मेडिकल के बाद दीनू को जेल में दाखिल कर दिया।
एसीपी कोतवाली अभिषेक कुमार, एसीपी कल्याणपुर अभिषेक पांडेय और टीबी सिंह चार थानों की फोर्स संग दीनू को रिमांड पर लेने के लिए सुबह सात बजे ही जिला जेल पहुंच गए। कागजी कार्रवाई के बाद उसे जेल से सुपुर्दगी में लिया गया। उर्सला में मेडिकल के बाद दीनू को कैंट थाने ले जाया गया। जहां दीनू आस पास किसी अधिवक्ता को न देख फूट फूट कर रोने लगा। उसने कहा कि एक समय था कि मेरे साथ अधिवक्ताओं की फौज चलती थी।
आज यह समय है कि मेरे साथ कोई नहीं है। डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता समेत अन्य अधिकारियों ने जब पिंटू सेंगर हत्याकांड से जुड़े सवाल किए तो पहले उसने भटकाने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने जब उसके सामने साक्ष्य रखकर पूछताछ की तो हत्याकांड से जुड़ी सारी जानकारी दी। वहीं महफूज, सऊद अक्तर और पप्पू स्मार्ट से संबंधों के बारे में भी बताया। साथ ही ये भी बताया कि उसने किस तरह से इस हत्या में शामिल दूसरे लोगों से संपर्क किया। इसके साथ ही उसने अपने संपत्तियों और साथियों के नाम भी बताए। जिसका पुलिस सत्यापन करने में जुटी है।