जेल की 22 फीट ऊंची दीवार फांदकर फरार हुए बंदी असरूद्दीन का दो दिन बाद भी पुलिस पता नहीं लगा सकी है। वहीं, शनिवार को डीआईजी जेल प्रदीप गुप्ता जिला कारागार पहुंचे। उन्होंने असरूद्दीन के साथ रह रहे बंदियों से बातचीत की। बंदियों ने अफसर को बताया कि वह शांत स्वभाव का था। उन्होंने पूछा कि वह जेल से भागने का कब से योजना बना रहा था, इस पर कोई जानकारी नहीं दे सका।
डीआईजी ने जेल के अंदर और बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों को चेक किया। जेल अधीक्षक डॉ. बीडी पांडेय के साथ बैठकर उस फुटेज को भी देखा जिसमें असरूद्दीन फरार होते कैद हुआ। तकरीबन चार घंटे तक दो दर्जन से ज्यादा बंदियों के बयान दर्ज किए गए। जिन जेल कर्मियों पर कार्रवाई की गई है, उनके बयान भी दर्ज किए गए। असरूद्दीन जिस दिन जेल में आया था, उस दिन से अभी तक का रिकॉर्ड, मिलने वालों की संख्या और उनकी पहचान का पता लगाया जा रहा है। जेल के पीसीओ से असरूद्दीन ने किसके बात की, इसकी भी सूची तैयार कराई जा रही है। इसके बाद डीआईजी ने दीवार की ऊंचाई बढ़ाए जाने और सुरक्षा में दूसरी खामियां दूर करने के लिए कहा। असरूद्दीन को पकड़ने के लिए कोतवाली पुलिस की एक टीम असोम गई है, दूसरी टीम स्क्रैप कारोबारियों के बीच सुरागरसी मेें लगी है।
जेल की सुरक्षा को लेकर निरीक्षण किया, जिन बिंदुओं पर सुरक्षा में कमी दिखाई दी, उन बिंदुओं पर सुरक्षा मजबूत की जाएगी। - प्रदीप गुप्ता, डीआईजी जेल