कानपुर में उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक के चार घंटे में पोस्टमार्टम करने के निर्देशों के बावजूद, डॉक्टरों का रवैया नहीं सुधार रहा है। डॉक्टरों की घोर लापरवाही के चलते आत्महत्या की हुई महिला का पोस्टमार्टम 17 घंटे के बाद हो सका है। शुक्रवार को दहेज प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या करने वाली वाली कानपुर देहात भोगनीपुर निवासी मो. शहंशाह की बेटी नाजरीन का मामला है।
महिला का पोस्टमार्टम 17 घंटों तक महिला डॉक्टर के न आने के कारण अधर में लटका रहा। व्यवस्था से हारे परिजनों ने सीएमओ डॉक्टर हरिदत नेमी को फोन कर आपबीती बयां कि, जिसके बाद सीएमओ ने दूसरी महिला डॉक्टर को आनन–फानन में भेजा गया। अर्जुन ने बताया कि बुधवार की रात 10 बजे महिला की मौत हो गई थी उसके बाद शुक्रवार दोपहर 12 बजे के बाद उनका पोस्टमार्टम शुरू हो सका।