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कानपुर: आरटीओ के निलंबित बाबुओं के खिलाफ विभागीय जांच शुरू, कैश व रसीदों से लेकर दलालों के गठजोड़ की होगी जांच

Sat, 29 Aug 2026 08:26 PM IST
Shikha Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

कई और बाबुओं पर कार्रवाई का खतरा मंडरा सकता है। शासन ने उप परिवहन आयुक्त न्यायाधिकरण को मामले की जांच सौंपी।
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आरटीओ कैश बाबू विपिन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आरटीओ कार्यालय के निलंबित किए गए दोनों बाबुओं विपिन और मधुर मिश्रा की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। अब दोनों पर लगे आरोपों की विभागीय जांच शुरू हो गई है। उप परिवहन आयुक्त न्यायाधिकरण को जांच साैंपी गई है। जांच अधिकारी नामित होते ही आरटीओ कार्यालय के दूसरे बाबुओं और ऑपरेटरों में खलबली मच गई है। कई और बाबुओं पर भी कार्रवाई का खतरा मंडरा रहा है। वहीं, इन बाबुओं के पटल दूसरे बाबुओं को सौंप दिए गए हैं।
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सोमवार को एसडीएम सदर अनुभव सिंह और एडीसीपी सुमित सुधाकर रामटेके के नेतृत्व में आरटीओ कार्यालय में छापा मारा गया था। ड्रोन से निगरानी के बाद पुलिस ने घेराबंदी कर 22 संदिग्धों को पकड़ा था। पूछताछ के बाद 13 दलाल गिरफ्तार किए गए। दोषी मिलने के बाद दोनों बाबुओं समेत 15 पर रिपोर्ट दर्ज हुई थी। रिपोर्ट ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के पास पहुंचते ही बाबुओं को निलंबित कर बाबुओं को लखनऊ से संबद्ध कर दिया गया। अब विभागीय जांच में देखा जाएगा कि कार्यालय में दलालों की आवाजाही किन कर्मचारियों के संपर्क में थी और क्या किसी स्तर पर उनकी मदद की जा रही थी।
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आरटीओ चालान बाबू मधुर मिश्रा - फोटो : अमर उजाला
जांच के दौरान कैश काउंटर, चालान, रसीद और रजिस्टरों में हुए मिलान को अब विभागीय जांच का अहम आधार माना जा रहा है। जांच अधिकारी यह भी देख सकते हैं कि संबंधित सीटों पर पहले के दिनों में हुए लेनदेन का रिकॉर्ड क्या होता था। इन सभी फाइलों की जांच के बाद मामले की हकीकत सामने आएगी।

शासन स्तर से नामित जांच अधिकारी का पूरा सहयोग किया जाएगा। बाबुओं के पटल दूसरे बाबुओं को सौंप दिए गए हैं जिससे वाहन स्वामियों का काम बाधित न हो। - आलोक कुमार, एआरटीओ प्रशासन

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