कानपुर से नई दिल्ली तक का ट्रैक 160 किमी प्रति घंटा की रफ्तार क्षमता वाला होगा। रेलवे बोर्ड ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके लिए आगामी रेल बजट में धन मिल जाएगा। रेलवे ने 2018 के अंत तक इस ट्रैक को उच्चीकृत करने का प्लान तैयार किया है। इसके लिए ज्यादा लोड सहने वाली पटरियां, स्लीपर बिछाने के साथ ही ओएचई लाइन और सिग्नलिंग सिस्टम में सुधार होगा। वहीं गाजियाबाद से कानपुर तक तीसरी नई लाइन बिछाने का काम जारी है।
डीआरएम संजय कुमार पंकज ने बताया कि इस हाईस्पीड ट्रैक को बनाने में पटरियों के अलावा, ओवरहेड इक्विपमेंट (ओएचई), सिग्नलिंग सिस्टम को और उच्चीकृत किया जाएगा। उत्तर मध्य रेलवे और रेलवे बोर्ड ने इस रूट पर कानपुर और गाजियाबाद को व्यस्ततम रूट मानते हुए। इस अप और डाउन लाइन का लोड कम करने के लिए यह कदम उठाए हैं। इससे सेंट्रल स्टेशन का लोड भी कम होगा। इस प्रस्ताव को रेलवे बोर्ड में 2016 के जुलाई महीने में मंजूरी मिल चुकी है। बता दें कि अभी इस रूट पर शताब्दी और राजधानी जैसी प्रीमियम ट्रेनें 130 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलती हैं।