कानपुर देहात। जिले में सर्दी का सितम जारी है। शुक्रवार को ठंड लगने से किसान समेत पांच लोगों की मौत हो गई। जिले में अब तक ठंड से मरने वालों की संख्या 36 पहुंच गई है। शुक्रवार दोपहर में निकली धूप से लोगों को राहत मिली। शाम होते ही फिर बादल आ गए। इससे ठंड बढ़ गई।
गुरुवार रात जिले के कई हिस्सों में बारिश तो कुछ जगह केवल बूंदाबांदी हुई। कई स्थानों पर ओले भी गिरे थे। इससे मौसम में ठंडक बढ़ गई। शुक्रवार को जिले में न्यूनतम 12.02 और अधिकतम तापमान 20.4 रहा। ठंड लगने से भोगनीपुर तहसील के कथरी गांव निवासी किसान जाहर सिंह (58) की मौत हो गई। शिवनाथ ने बताया कि गुरुवार रात उसके पिता जाहर सिंह गेहूं की फसल की सिंचाई करने गए थे। ठंड की चपेट में आकर वह बेहोश होकर गिर गए। उन्हें रात में ही शाहजहांपुर के निजी अस्पताल में इलाज के लिए ले गए। आराम मिलने पर वापस घर ले आए। पत्नी गुड्डी देवी ने बताया शुक्रवार को सुबह जागने पर देखा कि पति की मौत की मौत हो चुकी है। गुरुवार को डेरापुर के बरगदियापुरवा में चमेली देवी (70) और मडनापुर के भगवादीन (65) की ठंड से मौत हो गई। बरगदियापुरवा में देवीचरन (55), रामदेवी 60 की ठंड से मौत हो गई। शुक्रवार दोपहर धूप निकलने से लोगों को राहत मिली। छतों पर खुले में बैठकर लोगों ने धूप का आनंद लिया। शाम होते ही फिर बादल छा गए। सीएसए कानपुर के मौसम वैज्ञानिकों ने शनिवार को बारिश होने की संभावना जताई है।
फसलों के नुकसान का मुआवजा मिलेगा
ओले गिरने से जिले के कई इलाकों में किसानों की फसल का नुकसान हुआ है। इसके लिए डीएम ने कृषि अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने फसल के नुकसान के आंकलन के लिए टीम गठित करने को कहा है। जल्द ही रिपोर्ट मांगी है। किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। डीएम राकेश कुमार सिंह ने किसानों के नुकसान का जल्द आंकलन कर रिपोर्ट दें, जिससे किसानों को समय पर मुआवजा दिया जा सके। उप कृषि निदेशक विनोद कुमार ने बताया कि जिले के मूसानगर, सवरनखेड़ा की तरफ गुरुवार की रात ओलावृष्टि से किसानों की फसलों में नुकसान हुआ है। इसके लिए टीम का गठन कर दिया गया है। टीम गांवों में जाकर नुकसान का आंकलन करेगी। कृषि अधिकारियों ने बताया कि गेहूं, लाही, आलू की फसल में नुकसान होने की संभावना है। रिपोर्ट आने के बाद डीएम को भेजी जाएगी।