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कानपुर देहात : खरकपुर गोआश्रय स्थल में मवेशी की मौत छिपाने के लिए शव दफनाया, फोटो देखकर पंचनामा कराया

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खरकपुर गोशाला में सूखा भूसा खाते मवेशी। (संवाद) - फोटो : AKBARPUR
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कानपुर देहात। जिले के गोआश्रय स्थलों में जहां अव्यवस्थाओं के चलते मवेशी लगातार दम तोड़ रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ जिम्मेदार अफसर व कर्मी नई-नई तरकीब खोजकर मौतों को छिपाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे। ऐसा ही कारनामा पशु चिकित्सक समेत अन्य जिम्मेदारों ने कर दिखाया।
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गोआश्रय स्थल में मवेशी की मौत के बाद शव दफना दिया गया। मामला उजागर होने पर पशु चिकित्सक ने बिना शव देखे नियम विपरीत मवेशी का पंचनामा भर दिया।
अकबरपुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत निबौली बुजुर्ग के मजरा खरकपुर के गोआश्रय स्थल में पिछले कई दिनों से बीमार एक मवेशी की बुधवार देर शाम मौत हो गई। इसके बाद मौत को छिपाने का खेल शुरू कर दिया गया।
केयरटेकर विजय सिंह ने मवेशी की मौत की जानकारी ग्राम प्रधान को दी। जिस पर गुरुवार सुबह ग्राम प्रधान ने बिना पंचनामा कराए शव दफन करा दिया। प्रधान अमर सिंह ने बताया कि पशु चिकित्सक को मवेशी की मौत होने की सूचना दी गई थी।
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वहीं पशु चिकित्सक डॉ. आईए सिद्दीकी ने कहा कि मवेशी बीमार होने पर वह दूसरे गांव गए थे। खरकपुर गोआश्रय स्थल में मवेशी की मौत होने की जानकारी मिली थी। शव दफना दिया गया है, लेकिन पूर्व में मवेशी के बीमार होने की स्थिति पता थी।
इसलिए मवेशी के फोटोग्राफ देखकर गुरुवार शाम पंचनामा भरने की कार्रवाई कर दी गई है। बता दें कि बीती नौ अप्रैल को भी एक बीमार मवेशी की मौत हो चुकी है।
मवेशी की मौत होने पर पशु चिकित्सक को मौके पर रहकर पंचनामा भरने की कार्रवाई करनी होती है। शव दफनाने के बाद सिर्फ फोटो देखकर पंचनामा भरना गलत है। मामले की जानकारी मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को दी जाएगी। - भगवानदीन (डिप्टी सीवीओ)
शासन की गाइडलाइन का पालन हरहाल करना में अनिवार्य है। गोआश्रय स्थल में की गई लापरवाही पर संबंधित की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी। - जितेंद्र प्रताप सिंह (जिलाधिकारी)
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