कानपुर देहात। जिले की तीन सीएचसी में मरीजों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने पर कायाकल्प अवॉर्ड दिया गया है। देर रात शासन की ओर से इसका परिणाम जारी हुआ। इस पर सीएमओ ने नोडल अधिकारी व सीएचसी अधीक्षकों को बधाई दी है।
शिवली के बंजारन डेरा की महिलाएं प्रसव के लिए सीएचसी नहीं आती थी। डेरा के लोग डॉक्टरों से ज्यादा दाइयों पर भरोसा जताते थे। इससे कई बार जच्चा और बच्चा की ही मौत हो जाती।
इस समस्या के समाधान के लिए सीएमओ डॉ. एके सिंह ने अपनी टीम के साथ बंजारन डेरा में कई बार जागरूकता शिविर लगाए। इसका नतीजा यह हुआ कि डेरा की 80 फीसदी तक महिलाएं प्रसव के लिए सीएचसी आने लगी हैं।
इसी तरह पुखरायां सीएचसी में हर दिन 700 से 800 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। इन सभी मरीजों को जांच और दवाओं के साथ अन्य सुविधाएं मिल रही हैं। जिले की सभी सीएचसी में से गजनेर सीएचसी का भवन और वहां की सुविधा सबसे बेहतर हैं।
वहां पर डॉक्टर से लेकर वार्ड ब्वॉय और मरीजों तक के बैठने तक के लिए अलग-अलग कमरे बने हुए हैं। सीबीसी मशीन से जांच की जाती है। इसके अलावा अन्य बिंदुओं पर कायाकल्प की टीम की जांच में गजनेर, शिवली व पुखरायां की सीएचसी मानक पर खरी उतरीं।
इस पर स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से बुधवार देर शाम परिणाम घोषित हुआ तो तीनों सीएचसी को अवॉर्ड के लिए चयनित किया गया। अब सभी सीएचसी को एक-एक लाख रुपये का पुरस्कार मिलेगा। इन रुपयों से सीएचसी में सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। परिणाम घोषित होने के बाद सीएमओ ने नोडल अधिकारी व सीएचसी अधीक्षकों को बधाई दी।
कायाकल्प योजना के तहत गजनेर, पुखरायां और शिवली सीएचसी को अवॉर्ड मिला है। यह जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए गर्व की बात है।
- डॉ. एके सिंह, सीएमओ।