नुनारी गोशाला में खाली पड़ी नांद व मौजूद मवेशी। संवाद
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डेरापुर। ब्लॉक के नुनारी गांव में संचालित अस्थायी गोशाला में चार दिन से चारा नहीं है। इससे यहां मवेशी भूखे बंधे हैं और मवेशी कमजोर हो रहे हैं। कई मवेशी इतने कमजोर है कि उठ नहीं पा रहे हैं।
नुनारी गांव व आसपास के क्षेत्र में छुट्टा मवेशियों की संख्या अधिक है। फसलों को सुरक्षित रखने के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर एक अस्थायी गोशाला नुनारी गांव में बनाई गई है। एक मई को तत्कालीन पंचायत सचिव राघुवेंद्र प्रजापति ने ग्राम प्रधान राहुल से वार्ता कर 29 मवेशियों को यहां संरक्षित किया था।
गांव के दीपक सिंह व भैरोंसिंह को देखदेख की जिम्मेदारी दी थी। भैरो सिंह व दीपक सिंह ने बताया कि यहां अक्सर हरे चारे व भूसे की कमी हो जाती है। प्रधान राहुल व सचिव अंबरेश कुमार जल्द ही भूसे की व्यवस्था करने का आश्वासन देते रहते हैं।
प्रति दिन एक क्विंटल चालीस किलो भूसे की जरूरत रहती है। इधर चार दिनों से भूसा व हरे चारे की व्यवस्था नहीं है। दो मवेशी कमजोर होकर उठ नहीं पा रहे हैं। एसडीएम व बीडीओ को अवगत कराया गया, लेकिन अभी तक न हरा चारा मिला है और न ही भूसा का प्रबंध हो सका है।
बीडीओ प्रशांत कुमार ने बताया कि ग्राम पंचायत सचिव को 64 हजार रुपये भूसे व हरे चारे के लिए दिए गए हैं। अब इसके उपभोग प्रमाण पत्र मांगे गए हैं। मिलने पर भूसे के लिए धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी।
नुनारी पशु अस्पताल के चिकित्साधीक्षक डॉ. अटल यादव ने बताया कि मई में गोशाला संचालित की गई थी। कर्मी संदीप को मानदेय के तौर पर 25 हजार रुपये का भुगतान किया गया है। एसडीएम रमेश कुमार ने बताया कि उन्हें जानकारी नहीं है। बीडीओ से जानकारी करने के बाद आवश्यक इंतजाम कराएं जाएंगे।