रसूलाबाद। शादी नहीं हो पाने से दुखी होकर जान देने वाले प्रेमी युगल का साथ आखिर समय तक नहीं छूटा। दोनों के शव को परिजन एक साथ सेंगुर नदी के किनारे ले गए और कुछ ही दूरी पर उन्हें दफना दिया।
तारनपुरवा गांव निवासी खुशीलाल की बेटी शिल्पी देवी (20) व पड़ोसी सिपाही लाल के दिव्यांग बेटे विनोद कुमार (22) एक दूसरे से प्यार करते थे। परिजनों के शादी से इनकार पर शुक्रवार देर रात शिल्पी व विनोद ने गांव के बाहर खेत में लगे नीम के पेड़ पर फंदा लगा जान दे दी थी।
पोस्टमार्टम में भी दोनों की मौत फांसी लगने से होने की पुष्टि हुई थी। शनिवार देर शाम दोनों के शव गांव पहुंचे, तो परिजनों में कोहराम मच गया था। रविवार को दोनों परिवार की सहमति के बाद प्रेमी युगल के शवों को एक साथ उठाया गया।
दोनों की अर्थियां को एक लोडर पर रखकर सेंगुर नदी के किनारे ले जाया गया। वहां कुछ दूरी पर दोनों के शव को दफना दिया गया। शिल्पी के पिता खुशीलाल ने बताया कि उन्हें पता होता कि दोनों एक दूसरे से इस कदर प्यार करते हैं, तो शादी को राजी हो जाते।
विनोद की मां लौंगश्री ने बताया कि दो वर्ष की उम्र में विनोद को पोलियो हो गया था। इसके बाद वह घर में ही रहता था। घटना की रात करीब 12 बजे उसने बीमार भतीजी को दवा भी दी थी। वह भी यह नहीं जान सकी कि शिल्पी से विनोद इतना प्यार करता हैं कि जान दे देगा।