कानपुर देहात। अकबरपुर के ज्योतिष गांव में रविवार को किसान के शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाते समय लोगों से आरोपी पक्ष की महिलाओं ने बदसलूकी की। भड़के किसान के परिजनों ने पास स्थित मंदिर में शव रखकर हंगामा किया।
सूचना पर विहिप व गोरक्षक दल के लोग पहुंचे और किसान को गोरक्षक बता हत्या के लिए अफसरों को जिम्मेदार ठहराया। दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर नारेबाजी की। इस पर पुलिस व प्रशासनिक अफसरों ने उनकी नोंकझोंक हुई। डीएम व एसपी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। तब करीब 10 घंटे बाद परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए ले गए।
ज्योतिष गांव निवासी किसान राजेश कुमार द्विवेदी (55) का शव शनिवार को पास स्थित मंदिर में फंदे से लटका मिला था। पोस्टमार्टम के बाद रविवार की भोर राजेश का शव लेकर परिजन गांव पहुंचे, तो परिजनों में कोहराम मच गया।
इसके बाद परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए बिठूर ले रहे थे। रास्ते में पीपल के पेड़ के नीचे शव रखा गया, तो आरोपी पक्ष की महिलाएं वहां पहुंच गई और अंतिम यात्रा में शामिल लोगों से बदसलूकी की। इससे राजेश के परिजन व अन्य लोग भड़क गए। इसके बाद शव को फिर से उसी मंदिर में रख दिया जहां उनकी मौत हुई थी।
परिजनों ने बदसलूकी करने वाली महिलाओं पर कार्रवाई, सक्षम अधिकारी से मुआवजा व सुरक्षा का भरोसा नहीं मिलने तक क्रियाकर्म नहीं करने की बात कहते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
इसी बीच विहिप व गोरक्षक दल के नेता और कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और राजेश को गोरक्षक बता उसकी हत्या के लिए पुलिस व प्रशासनिक अफसरों को जिम्मेदार ठहराते हुए नारेबाजी की। सूचना पर पहुंचे सीओ प्रभात कुमार व थाना प्रभारी प्रमोद कुमार शुक्ला से हंगामा कर रहे लोगों की नोंकझोंक हुई।
इस दौरान थाना प्रभारी से धक्का-मुक्की भी की गई। हंगामे के दौरान राजेश के परिजनों, रिश्तेदारों व ग्रामीणों के अलावा विहिप के जिलाध्यक्ष सुशील पांडेय, प्रांत गोरक्षक प्रमुख यशवंत, जिला मंत्री कमलेश, जिला संयोजक गौरव शुक्ला, विहिप के जिला प्रमुख विवेक समेत अन्य संगठनों के तमाम लोग मौजूद रहे।
हालात बिगड़ने की सूचना पर डीएम नेहा जैन व एसपी सुनीति मौके पर पहुंचीं और पीड़ित परिजनों को न्याय व सुरक्षा दिलाने का भरोसा देकर शांत कराया। इसके बाद दोपहर 3:30 बजे शव लेकर लोग अंतिम संस्कार के लिए गए।
एडीएम व एएसपी को सौंपी गई मामले की जांच
अंकित के आरोपों की जांच डीएम व एसपी अपने-अपने स्तर से कराएंगे। डीएम नेहा जैन ने बताया कि राजेश ने प्रशासनिक महकमे से जुड़े किस-किस अफसर को अर्जी दी थी, उस पर कार्रवाई हुई या नहीं। किस जगह अफसरों ने लापरवाही बरती। इसकी जांच एडीएम प्रशासन केशव नाथ गुप्ता को सौंपी गई है।
वहीं, एसपी सुनीति ने प्रकरण की जांच एएसपी घनश्याम चौरसिया को सौंपी है। डीएम व एसपी का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने कहा कि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी, मामले की निष्पक्ष जांच व दोषी पुलिस वालों पर कार्रवाई की मांग को मान लिया गया है।