घटनास्थल पर रोती बिलखती महिलाएं
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थाना रनियां के श्यामपुर पेराजोर मार्ग पर संचालित एक तिरपाल बनाने वाली फैक्टरी में बुधवार सुबह ड्यूटी के दौरान गार्ड के ऊपर लोहे का स्लाइडर गेट गिर गया। गंभीर रूप से घायल गार्ड को परिवार के लोग इलाज के लिए कानपुर ले गए। जहां उसकी मौत हो गई। दोपहर में शव फैक्टरी गेट पर लाकर रख दिया और मुआवजे की मांग कर हंगामा करने लगे। पुलिस के समझाने व कार्रवाई का आश्वासन मिलने पर परिजन शांत हुए।
ररुआ निवासी रामऔतार (50) श्यामपुर पेराजोर मार्ग पर तिरपाल बनाने वाली फैक्टरी में गार्ड थे। रोजाना की तरह वह सुबह आठ बजे ड्यूटी पर पहुंचे। वह स्लाइडर मेनगेट के पास कुर्सी डाल कर बैठे थे। करीब नौ बजे एकाएक गेट उनके ऊपर जा गिरा। सिर व शरीर में गंभीर चोट आने पर फैक्टरी कर्मी उन्हें रायपुर के एक निजी अस्पताल ले गए। इधर घटना की जानकारी पर परिवार के लोग पहुंचे। हालत गंभीर होने पर उन्हें कानपुर ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। रामऔतार की मौत पर परिजन शव लेकर दोपहर 12 बजे के करीब फैक्टरी पहुंचे।
गेट पर शव रख कर लापरवाही का आरोप लगा हंगामा करने के साथ मुआवजे की मांग शुरू कर दी। मौके पर सीओ अकबरपुर संजय कुमार वर्मा, थानाध्यक्ष रनियां एसएन सिंह, तहसीलदार पवन कुमार भी जा पहुंचे। पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों ने घटना की जानकारी करने के साथ परिवार के लोगों को शांत कराने का प्रयास किया। परिवार के लोग मुआवजे की मांग करते रहे। मृतक के भाई सुनील कुमार ने बताया कि रामऔतार एनआईएसएफ कंपनी के माध्यम गार्ड की नौकरी करते थे। वह करीब चार वर्षों से कार्यरत थे। सीओ संजय वर्मा ने बताया कि परिवार के लोगों को समझाने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। किसी ने कोई तहरीर नहीं दी हैं। घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
बिलखते रहे परिजन, पत्नी बोली छिन गया सहारा
फैक्टरी गेट गिरने व पति के घायल होने की जानकारी पर परिवार के लोगों के साथ रामऔतार की पत्नी सीता, बेटी लवकेश, सिंटू, बेटी दीपा भी जा पहुंचे। सभी शव के पास बिलखते रहे। पत्नी बार बार यह कह सिसकियां भरती रही कि उसके परिवार का सहारा छिन गया। उसने लापरवाही का आरोप लगाया। वहीं परिवार के लोग उसे संभालते रहे।