गौरी रतन बांगर गांव में पीपे का पुल क्षतिग्रस्त होने पर नाव से यमुना नदी पार करते राहगीर।
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कानपुर देहात/राजपुर। बेहमई गांव की सीमा से लगी ग्राम पंचायत गौरीरतन बांगर में यमुना नदी पर बना पीपा पुल फिर ढह गया। 18 दिन में पुल दो बार ढह चुका है। अब फिर आवागमन बाधित हो गया है। लोग नाव के सहारे यमुना नदी पार करने को मजबूर हैं।
बेहमई गांव से डेढ़ किलोमीटर दूरी पर गौरी रतन बांगर गांव के समीप यमुना नदी में पीपे का पुल जालौन जाने के लिए अस्थाई रूप से बनाया गया था। इस पुल का संचालन 18 दिन पहले शुरू हुआ था। बारिश होने के कारण यमुना नदी का जलस्तर बढ़ गया है। इस कारण शुक्रवार को तीन पीपे यमुना में डूब गए थे। चहली में पानी के थपेड़े लगने से बल्लियां टूट गई थीं। इससे आवागमन ठप हो गया था।
रविवार को पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों की मदद से बबूल के पेड़ों को काटकर कटान में डलवाया और जल धारा रोककर पुल की मरम्मत का काम शुरू कराया था। देर शाम तक चले काम के दौरान पोकलैंड मशीन के सहारे बालू डालकर लोहे की चादरें बिछाई गईं। सोमवार को पीपा पुल से चौपहिया व दुपहिया वाहनों का आवागमन शुरू करा दिया गया था। तेज बहाव के कारण मंगलवार की सुबह पीपा पुल पर चढ़ने के लिए जलधारा पर रखे गए गर्डर व चालही फिर से पानी में बह गई। इस कारण आवागमन बाधित हो गया। पुल से होकर दूसरी ओर जाने वाले लोगों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
तीन पीपा कम लगे होने से समस्या
पिछले साल यमुना नदी पर बेहमई गांव के पास 32 पीपों के सहारे पुल का निर्माण कराया गया था। वह काफी दिनों तक टिकाऊ बना रहा। इस बार गौरीरतन बांगर गांव में सिर्फ 29 पीपों के सहारे पुल बनाया गया है। तीन पीपे कम लगे होने के कारण क्षतिग्रस्त होने की समस्या बार-बार आ रही है। पीपों के स्थान पर जल धारा में चालही और गर्डर डाल दिए गए हैं। .ह तेज प्रवाह में बह जाते हैं।
जेई राधेश्याम ने बताया कि जलधारा बढ़ने के कारण मिट्टी का कटान हो गया था। मिट्टी की भराई शुरू करा दी गई है। मरम्मत के बाद पुल से जल्द आवागमन शुरू करा दिया जाएगा।