वहां ईएमओ डॉ. आनंद गुप्ता ने फार्मासिस्ट से निरीक्षक का मुंह सुंघवाकर शरीर में शराब न होने की रिपोर्ट बना दी। इसकी जानकारी डीएम को हुई तो उन्होंने नियमों के तहत रिपोर्ट न होने का हवाला देते हुए सीएमओ डॉ. एके सिंह से नाराजगी जताई।
इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी सजग हुई। इस पर अकबरपुर सीएचसी अधीक्षक डॉ. आईएच खान ने बताया कि आबकारी निरीक्षक का मुंह सुंघकर ईएमओ ने मेडिकल परीक्षण कर शरीर में शराब न होने की रिपोर्ट बना दी थी।
जबकि उन्हें ब्लड प्रेशर, चलने की तरीका सहित अन्य जांचें करनी चाहिए थीं। इस पर उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। वहीं, आबकारी निरीक्षक सूर्याकांत ने बताया कि मेडिकल परीक्षण कराया गया था। इसमें डॉक्टर ने अपनी रिपोर्ट दी है। उन्होंने शराब की जांच को रूटीन की प्रक्रिया बताया।