झींझक (कानपुर देहात)। दिल्ली हावड़ा रेल लाइन के शाहपुर फाटक के बंद करा दिए जाने से नाराज क्षेत्र के ग्रामीणों ने रेलवे क्रासिंग पर हंगामा किया। अंडरपास में भरा पानी तत्काल निकलवाने की मांग करते हुए आवागमन की समस्या का निस्तारण कराए जाने की मांग की। बताते चलें कि अंडरपास में पानी भर गया था। जिससे क्रासिंग का फाटक बंद करा दिया गया। एक गांव से दूसरे गांव जाने के लिए पांच किलोमीटर का चक्कर काटना पड़ता है। खेतों को जाने के लिए भी परेशानी हो रही है। जल्द समस्या का समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
दिल्ली-हावड़ा रेल लाइन के शाहपुर फाटक के पास बने अंडरपास को रेल अधिकारियों ने बीते माह चालू कर दिया था। इससे आस-पास के ग्रामीणों को राहत मिल गई थी। रेल अधिकारियों ने तीन दिनों पूर्व रेलवे फाटक से आवागमन बंद कर फाटक को जंजीर से बंाध दिया। इसके साथ ही स्लाइडर बूम लगाकर ब्लाक कर दिया। लगातार हो रही बारिश में अंडरपास में पांच फिट पानी भर गया है। वहीं शाहपुर, जोगी डेरा, खितारी, गोपालपुर गांव के ग्रामीणों की खेती अंडर पास के इधर उधर है। इसके कारण गांवों के लोगों को एक गांव से दूसरे गांव जाने के लिए पानी में मंझाकर जाना पड़ रहा है। पानी अधिक होने के कारण लोगों को एक से दूसरे गांव में जाने के लिए झींझक व परजनी आकर पांच किलोमीटर का चक्कर काटकर गांव पहुंचना होता है। जो ग्रामीणों की सबसे बड़ी परेशानी का कारण है। रविवार को ग्रामीणों ने फाटक के पास पहुंचकर हंगामा करते हुए नारेबाजी की। मांग करते हुए कहा कि शीघ्र ही अंडरपास का पानी न निकाले जाने पर वह सभी लोग आंदोलन करेंगे।
गांव खितारी के कुंवर सिंह, दिनेश, कुलदीप, सुरेश, शाहपुर के अजय, गजेंद्र, रामू, लल्लन ने बताया कि अंडरपास में करीब पांच फिट पानी भरा है। साथ ही रेल अधिकारियों ने फाटक के दोनों तरफ पत्थर लगाकर बंद कर दिया है। हम लोग मवेशियों के लिए खेत से चारा आदि लाने भी नहीं जा पा रहे हैं। अगर शीघ्र ही अंडरपास का पानी खाली न करवाया गया तो आंदोलन करने को मजबूर होना पड़ेगा। अंडरपास निर्माण कराने वाली संस्था के सहायक इंजीनियर प्रदीप कुमार ने बताया कि पंपसेट लगाकर अंडरपास का पानी खाली करवाया जाता है। लगातार बारिश के कारण जलभराव हुआ है। जल्द ही अंडर पास में हुए जलभराव को खाली करवाया जाएगा।