बालाजी धाम वार्ड में चहारदीवारी बनाने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। शिकायत पर पहुंची पुलिस पर एक पक्ष ने हमला कर दिया। मारपीट में चार महिलाएं, एसओ समेत चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने नौ नामजद समेत 30 अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की है।
मूसानगर के बालाजी धाम वार्ड के सूरजपुरवा में चहारदीवारी बनाने को लेकर शनिवार शाम करीब साढ़े पांच बजे दो पक्षों में कहा सुनी हो गई। इस बीच एक पक्ष ने पुलिस बुला ली। पुलिस के पहुंचने पर दूसरा पक्ष हमलावर हो गया। पुलिसकर्मियों से हाथापाई कर मारपीट कर दी। मारपीट में थानाध्यक्ष मूसानगर एसएन सिंह, उपनिरीक्षक नंदलाल, सिपाही गोविंद व महिला सिपाही आरती घायल हो गए। इधर, घटना से गुस्साए एक पक्ष की महिलाओं ने पुलिस पर अभद्रता, मारपीट का आरोप लगा मनकी घाट रोड पर लेटकर जाम लगा दिया।
मामला बढ़ता देख देवराहट और भोगनीपुर थाने की पुलिस के साथ सीओ संजय सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस ने हंगामा कर रहे लोगों को शांत कराया। एक पक्ष की लक्ष्मी ने बताया कि वह मायके सूरजपुरवा में रहती है। पास में ही भाई कैलाश व अखिलेश के मकान हैं। उनके घर के पास शनिवार को रफीक, छोटेलाल ने चहारदीवारी का निर्माण कराना शुरू करा दिया। उसने अपनी जमीन पर निर्माण होने की बात कही तो उक्त लोग झगड़े पर उतर आए।
आरोप लगाया कि रफीक के बुलाने पर आई पुलिस ने उसके भाइयों व परिवार के साथ अभद्रता करते हुए मारपीट कर दी। इसमें वह व उसकी मां पार्वती, पुत्री रूबी, पड़ोसी सुनीता घायल हो गईं। देर शाम सीओ संजय सिंह ने जाम लगाए लोगों को शांत कराया।
थानाध्यक्ष शिवनारायण सिंह ने बताया कि विवाद की सूचना पर पुलिस महिलाकर्मियों के साथ पहुंची थी। वहां पर महिलाओं ने कांस्टेबल आरती के साथ अभद्रता की और मारपीट करने लगीं। पुलिस ने समझाने की कोशिश की तो लोग हमलावर हो गए। ईंट-पत्थर चलाने लगे। इसमें उन्हें व तीन अन्य पुलिसकर्मियों को चोटें आईं हैं। बताया कि दो दिन पूर्व एसडीएम ने राजस्व टीम के साथ पैमाइश कराकर मोहम्मद रफीक को निर्माण के लिए आदेशित किया था।
इधर, थानाध्यक्ष ने सरकारी कार्य में बाधा डालने, मारपीट करने के आरोप में कैलाश, अखिलेश, बाबूजी, रामजी, कुलदीप, चंद्रपाल, राजवती, रमा, राजू समेत 30 अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज की है। एसओ ने बताया कि कुछ लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है।