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जिस मंगटा गांव पर विधान सभा में हुआ हंगामा, वहां के सद्भभाव की लोग देते थे मिसाल

Wed, 19 Feb 2020 12:04 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर देहात
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ग्रामीणों को समझाते पुलिस अफसर - फोटो : अमर उजाला
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कानपुर देहात के गजनेर के मंगटा गांव में एक पोस्टर फाड़ने और अभद्र टिप्पणी पर हुए जातीय बवाल के मामले में मंगलवार को डीएम और एसपी ने चौपाल लगाकर दोनों पक्षों से बातचीत की। पुरानी बातों को भूलकर सभी से मिलजुल कर रहने को कहा।
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ग्रामीणों को समझाते पुलिस अफसर - फोटो : अमर उजाला
चेतावनी दी कि अफवाह फैलाने और माहौल खराब करने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि एक दिन पहले विधान सभा और विधान परिषद में इस घटना पर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया था। सदन की कार्यवाही रुक गई थी। 

ग्रामीणों में चर्चा है कि मंगटा गांव को किसी की नजर लग गई। यहां तो सभी जाति के लोग मिलकर एक-दूसरे की भावनाओं का ध्यान रखते हुए प्रेम से रहते थे। देव स्थान नारायनपुरी बाबा में हर वर्ष फरवरी में कथा के बाद भंडारा होता था। भंडारे में सभी जातियों के लोग प्रसाद खाते थे। बच्चे व युवा बिना जातीय भेदभाव के जूठे पत्तल उठाकर फेंकते थे। एकता की मिसाल की यह बातें दोनों पक्षों के लोगों को याद आ रही हैं। 

 


गांव के हर जाति के लोगों का आस्था का केंद्र नारायनपुरी बाबा का मंदिर है। यहां हर साल फरवरी में धार्मिक आयोजन के बाद भंडारा होता था। भंडारा में सभी जातियों के लोगों का सहयोग रहता था। इसके बाद परिसर में एक साथ बैठकर सभी ग्रामीण प्रसाद ग्रहण करते थे।

गांव के 70 वर्षीय बुजुर्ग छोटे कश्यप ने बताया कि कभी जातीय संघर्ष जैसी घटना नहीं हुई। मामूली मारपीट तो आम बात है पर इस तरह से माहौल खराब नहीं हुआ। 72 वर्षीय सोनेलाल ने कहा गांव की फिजा में जहर घोलने का काम राजनैतिक दलों व कई अन्य संगठन के गांव आए लोगों ने किया। बुजुर्ग सुत्तन ने कहा  प्रधानी के चुनाव के दावेदारों ने भी वोट के चक्कर में इस मामले को तूल दिया।

 

इस बात को दोनों पक्षों के लोग समझ नहीं सके। रामराज ने कहा कि अभी कुछ नहीं बिगड़ा है। एक-दूसरे की गलतियों को भूलकर आगे बढ़ने पर ही गांव की भलाई है।  
मंगलवार को अफसरों ने पीड़ित पक्ष को सुरक्षा का भरोसा दिया। आरोपी पक्ष से कहा कि किसी निर्दोष पर कार्रवाई नहीं की जाएगी।

 गांव में एक से आठ फरवरी तक धार्मिक आयोजन हुआ था। इसमें जाति विशेष पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने से लोगों में नाराजगी थी। 13 फरवरी को एक बच्चे ने एक धार्मिक पोस्टर फाड़ दिया था। इस पर दो पक्षों में संघर्ष हो गया था। इसमें 26 लोग घायल हुए थे।

 
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28 नामजद और 20 अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज की गई थी। अभी तक 13 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। मंगलवार को डीएम राकेश कुमार सिंह और एसपी अनुराग वत्स ने दोनों पक्षों के साथ अलग अलग स्थानों पर बैठक की।

पीड़ित पक्ष के लोगों से डीएम ने कहा कि गांव में प्रेम और भाईचारे का माहौल होना चाहिए। दोनों पक्ष के लोगों को सद्भाव कायम करने के प्रयास शुरू करने चाहिए। दोषी लोगों पर कार्रवाई की जा रही है। अब कोई ऐसा काम न हो जिससे माहौल खराब हो।
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