राजपुर। राजस्थान के कोटा बैराज से पानी छोड़ने जाने के बाद जिले में यमुना नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है। 24 घंटे में नदी में करीब डेढ़ मीटर पानी बढ़ा है।
नदी में तेजी से बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने किनारों पर बसे गांवों के लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा है। आपदा राहत विभाग भी निगरानी में लगा है। विभागीय अफसरों के अनुसार अभी और पानी बढ़ने की संभावना है।
यमुना में जलस्तर बढ़ने के बाद नदी तलहटी पर बसे बेहमई, जैसलपुर, महदेवा, गौरीरतन बांगर, बैजामऊ बांगर, गौहानी बछाटी समेत 10 गांवों में तबाही मचाती है। पिछले दिनों नदी में पानी बढ़ने के बाद कई गांवों के रास्ते पर बाढ़ आ गई थी।
हालांकि तीन दिन बाद पानी कम होने से लोगों ने राहत की सांस ली थी। इधर एक बार फिर से राजस्थान के कोटा बैराज से नदी में पानी छोड़ा गया है। इससे नदी में जलस्तर 104.10 मीटर पर पहुंच गया है। 24 घंटे में करीब डेढ़ मीटर पानी बढ़ने से लोगों की चिंता भी बढ़ गई है।
जिला आपदा विशेषज्ञ अश्वनी वर्मा ने बताया कि यमुना का पानी बढ़ने से कई इलाकों में बाढ़ की संभावना है। हालांकि बाढ़ चौकियां सक्रिय की गई हैं। राजस्व व आपदा टीमें लगातार निगरानी की जा रही है।
पथार गांव की पुलिया पर फिर चलने लगी नाव
मूसानगर। यमुना नदी का जलस्तर कम होने के बाद सोमवार को लोग पथार गांव की पुलिया पर पैदल ही पानी के बीच से गुजरने लगे थे। देर शाम से जलस्तर में बढ़ोत्तरी होने के बाद मंगलवार को यहां पर फिर से नाव चलने लगी। आढ़न व पथार गांव के लोगों का कहना है कि दो दिन से पानी कम होने पर थोड़ी सी राहत मिली थी। अब फिर से बाढ़ का डर सताने लगा है।