बिल्हौर। तहसील क्षेत्र के चौबेपुर और शिवराजपुर विकास खंड क्षेत्र से गुजरी पांडु नदी के आसपास स्थित छोटे-बड़े दर्जनों गांवों के करीब 40 हजार किसानों-ग्रामीणों को इस बार गर्मियों में पानी की दिक्कत नहीं होगी। क्षेत्रीय लोगों की दशकों पुरानी मांग पर सरकार ने तीन करोड़ 29 लाख रुपये से पांडु नदी पर जगह-जगह वरीयता के आधार पर पांच स्थानों पर करीब दो मीटर ऊंचाई के चेकडैम बनाने की योजना तैयार की है। लघु सिंचाई विभाग ने इस पर काम भी शुरू कर दिया है। इन पांच चेकडैम बन जाने से सिर्फ कानपुर नगर जनपद के शिवराजपुर-चौबेपुर और कल्याणपुर विकास खंड ही नहीं बल्कि कानपुर देहात जनपद के भी कई दर्जन गांवों के किसानों, ग्रामीणों, पशुपालकों को लाभ होगा।
लघु सिंचाई विभाग के एई महेंद्र यादव ने बताया कि शिवराजपुर और चौबेपुर विकास खंड और कानपुर देहात जनपद के शिवली-मैथा के मध्य बहने वाली पांडु नदी में पांच चेकडैम बनाने का कार्यादेश विभाग को मिला था, जिस काम शुरू किया गया है। कानपुर नगर जनपद में पांडु नदी पर सकरवां गांव के समीप 70 लाख 61 रुपये से चेकडैम बन रहा है। इसमें मनरेगा से 11 लाख 30 हजार रुपये, जिला योजना से 48 लाख 86 हजार रुपये लगाए जाएंगे। इसी तरह बाचीपुर गांव के सामने 51 लाख 69 हजार रुपये से, तकीपुर गांव सामने 81 लाख 58 हजार रुपये से चेकडैम बन रहा है, वहीं चौबेपुर की ओर भौंती खेड़ा गांव के समीप 67 लाख रुपये से चेकडैम, टिकरी गांव के समीप 58 लाख 17 हजार रुपये से चैकडैम बनाया जा रहा है।
एई ने बताया कि कार्यादेश में 31 मार्च तक उक्त सभी चेकडैम बन जाने के आदेश हैं, लेकिन निचली गंग नहर में पानी आने और बिना किसी पूर्व सूचना के नदी में खरजा बंबा से पानी छोड़े जाने से कार्यदाई संस्था का जहां कार्य प्रभावित हो गया वहीं काफी नुकसान भी हो गया है, लेकिन प्रत्येक दशा में उक्त सभी चेकडैम का काम अप्रैल माह के अंत तक पूर्ण कर लिया जाएगा।
लघु सिंचाई विभाग के एई महेश यादव ने बताया कि पांडु नदी पर भौंती खेड़ा, टिकरी, सकरवां, बाचीपुर, तकीपुर में बन रहे चेकडैम के निर्माण के फौरन बाद ही क्षेत्र के पूरा बुर्जुग, बसेन, चौबेपुर शेरपुर बैरा और चौबेपुर रुद्रपुर में चेकडैम बनने का काम शुरू होगा। इन सभी गांवों में बनने वाले चेकडैम की कार्ययोजना पूरी तरह तैयार है।
पांडु नदी पर निर्माणाधीन इन पांच चेकडैम के बन जाने से कानपुर नगर और कानपुर देहात जनपद के कई आधा सैकड़ा गांव का जहां भूगर्भ जलस्तर में बढ़ोत्तरी होगी वहीं कम से कम 40 हजार किसानों, पशुपालकों, ग्रामीणों को लाभ होगा। चेकडैम बन जाने से बाचीपुर, मवैया, सकरवां, कैलई, कंजती, सकरवां, तकीपुर, त्योरियाना, सुज्जानिवादा, परतापुर उडत, भीटी, हृदयपुर गोकुल, जादेपुर धस्सा, मोरहर,मितनपुर, निगोह, जुगराजपुर, पिलुआ, शेरपुर बैरा आदि गांवों के लोगों को इन चेकडैम का लाभ होगा।