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कामाख्या एक्सप्रेस से कटे दादा व पौत्र

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रूरा। कस्बे में सोमवार दोपहर रेलवे ट्रैक पर गई बकरी को बचाने के प्रयास में कामाख्या एक्सप्रेस से कटकर दादा व दस वर्षीय पौत्र की मौत हो गई। बकरी भी ट्रेन की चपेट में आकर मर गई। दादा व पौत्र बीमार बकरी का पशु चिकित्सालय में इलाज कराने के बाद ट्रैक किनारे से घर लौट रहे थे।
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कस्बा के सुभाष नगर निवासी हबीब (55) फेरी लगाकर गांवों में हाजमा चूर्ण बेचता था। वह घर पर बकरी पालन भी करता था। रविवार को बकरी बीमार हो गई थी। सोमवार की दोपहर हबीब अपने पौत्र फरहान (10) के साथ बीमार बकरी को लेकर दिल्ली-हावड़ा रेलवे ट्रैक पर क्रासिंग के पास बने पशु चिकित्सालय में ले गया था। इलाज के बाद ट्रैक किनारे से घर लौटते समय अचानक बकरी पटरी पर चली गई। हार्न सुनकर फरहान ने ट्रैक पर सामने से आ रही ट्रेन देखी। बकरी को बचाने के लिए वह पटरी की तरफ दौड़ पड़ा तो हबीब भी तेजी से पौत्र की तरफ लपका। इसी दौरान तेज रफ्तार डाउन कामाख्या एक्सप्रेस की चपेट तीनों आ गए। ट्रेन से कटने से दादा, पौत्र व बकरी की मौके पर ही मौत हो गई। ट्रेन के चालक ने स्टेशन मास्टर को सूचना दी। इधर हादसे की खबर पाकर परिजन रोते बिलखते मौके पर पहुंचे। जीआरपी प्रभारी राकेश पाल ने बताया कि पड़ताल में बकरी को बचाने के दौरान हादसा होने की बात सामने आई है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
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