कीरतपुर स्थित इंटर कॉलेज में छात्राओं की थर्मल स्क्रीनिंग करते शिक्षक।
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कानपुर देहात/रनियां। कोरोना महामारी के चलते सात माह से बंद माध्यमिक स्कूल सोमवार को खुले। छात्र-छात्राओं के स्कूल पहुंचने पर चहल पहल दिखी। कोविड गाइडलाइन के अनुसार हाथ सैनिटाइज कराने और थर्मल स्क्रीनिंग के बाद स्कूल में छात्रों को प्रवेश दिया गया। कक्षाओं में दो गज की दूरी के अनुसार बैठाकर पढ़ाई हुई।
मार्च में सभी स्कूलों को बंद कर दिया गया था। अनलॉक की प्रक्रिया शुरू होने के बाद सोमवार को पहली बार माध्यमिक स्कूल खुले। प्रधानाचार्यों को कोविड-19 गाइडलाइन अनुपालन के सख्त निर्देश हैं। केवल 50 प्रतिशत छात्रों को भी स्कूल बुलाने और दो पालियों में स्कूल संचालन की छूट दी गई है। सोमवार को पहले दिन स्कूल खुले तो काफी कम छात्र स्कूल पहुंचे। कीरतपुर के राहुल मेमोरियल इंटर कॉलेज में बच्चे पहुंचे, लेकिन संख्या मानक से काफी कम रही। गेट पर ही हाथ सैनिटाइज कराए गए और थर्मल स्क्रीनिंग की गई। करबक के इंटर कॉलेज में बेहद कम छात्र पहुंचे। रसूलाबाद के आरपीएस इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य डीपी शुक्ला की मौजूदगी में अनिवार्य नियमों का पालन कर छात्रों को प्रवेश दिया गया। संदलपुर के अहिल्याबाई होल्कर इंटर कॉलेज 35 छात्र ही पहुंचे।
रनियां के करबक स्थित भीमराव आंबेडकर स्कूल में पहले दिन ही थर्मल स्कैनर का इंतजाम नहीं मिला। गेट पर छात्रों के हाथ सैनिटाइज कराए गए, लेकिन थर्मल जांच नहीं हो सकी। विद्यालय के लिपिक उपेंद्र कुमार ने बताया कि प्रबंधक की रिश्तेदारी में अनहोनी हो गई है। इसकी वजह से वह नहीं आए हैं। एक सप्ताह पहले विद्यालय में चोरी हुई थी। थर्मल स्कैनर भी चोर ले गए थे।