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मुख्य आरोपी पर एसपी ने घोषित किया 25 हजार का इनाम

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कानपुर देहात। राजपुर के निर्बरी घाट पर खनन की वर्चस्व की जंग में दोहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी पर 25 हजार का इनाम घोषित किया गया है। आगरा के रहने वाले मुख्य आरोपी को पुलिस अभी तक नहीं पकड़ पाई है।
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निर्बरी बालू घाट में वर्चस्व को लेकर दो पक्षों में गोलियां चलने से एक पक्ष से सट्टी के गुलरेज (35) व दूसरे पक्ष से जामू बिधनू कानपुर के सेवानिवृत्त फौजी ज्ञानेंद्र (45) की मौत हो गई थी। दोनों पक्षों ने आगरा के मनोज कुमार चौहान उर्फ मनोज यादव को हत्या में नामजद किया है। घटना में मुख्य भूमिका मनोज की ही थी। वह बाहर से कई गाड़ियों से लोगों को लेकर घाट पर पहुंचा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए एसपी अनुराग वत्स ने दो टीमें आगरा भेजी थीं। पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी है। इसके अलावा पुलिस दस लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। चार और ऐसे लोग चिह्नित किए गए हैं, जो घटनास्थल के आसपास के गांवों के रहने वाले हैं और मनोज के संपर्क में रहे हैं। एसपी अनुराग वत्स ने बताया कि मुख्य आरोपी मनोज कुमार चौहान उर्फ मनोज यादव पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। पुलिस टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए लगीं हैं।
वहीं, बालू घाटों में ऑनलाइन निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। रायल्टी सीसीटीवी के माध्यम से ही काटी जाती है। निर्बरी घाट में भी सीसीटीवी लगा है लेकिन घटना के वाले दिन कैमरे बंद थे। एएसपी अनूप कुमार ने सोमवार को घाट पर पहुंच कर छानबीन की तो इसका खुलासा हुआ। अगर सीसीटीवी चालू होता तो पुलिस को घटना में शामिल आरोपियों को पकड़ने में बड़ी मदद मिल सकती थी। कैमरा बंद होने से आशंका है कि खनन करा रहे वहां के लोग भी गड़बड़ी करने के प्रयास में थे। हालांकि नियमानुसार खनन का काम सुबह 10 से शाम 5 बजे तक होता है। फायरिंग सुबह 8 बजे के आसपास हुई थी। घाट संचालित करने वाले पुलिस को तर्क दे रह हैं कि कैमरा 10 बजे चालू किया जाता है। पुलिस ने अभी तक नामजद लोगों में सिर्फ दो को ही गिरफ्तार किया है। बाकी वह लोग गिरफ्तार किए गए हैं जिनके नाम पुलिस की जांच में सामने आए हैं।
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