कानपुर देहात। रविवार शाम आई आंधी से सरवनखेड़ा, शिवली व रूरा समेत जिले के छह सौ गांवों की बिजली गुल हो गई। इससे गांवों में पानी का संकट हो गया। साथ ही रात भर मच्छर व गर्मी से लोग परेशान रहे। सोमवार को पूरे दिन फाल्ट ढूंढकर ठीक करने का काम चल। शाम तक अधिकांश गांवों की बिजली आपूर्ति चालू हो गई।
सरवनखेड़ा सबस्टेशन की 33 केवीए लाइन में फाल्ट हो गए। इससे सबस्टेशन से आपूर्ति ठप हो गई। रात में विद्युत कर्मियों ने लाइन के फाल्ट ठीक कर सबस्टेशन की आपूर्ति शुरू कर दी, लेकिन गांवों को जाने वाली लाइनों में बड़े पैमाने पर फाल्ट हो गए। कई पोल टूटने के साथ जगह-जगह तार टूट गए हैं। इससे सबस्टेशन से जुड़े सौ गांवों की बिजली ठप रही। विद्युत कर्मियों ने सोमवार सुबह फाल्ट ठीक करने का काम शुरू किया। जेई विनोद कुमार ने बताया कि लाइनमैनों की टीम फाल्ट ठीक कर रही है। देर शाम तक आपूर्ति शुरू होने की उम्मीद है।
इधर, आंधी की वजह से रूरा विद्युत सबस्टेशन से जुड़े 50 गांवों में विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। सोमवार सुबह विद्युत कर्मियों ने पेट्रोलिंग करके आपूर्ति शुरू करने का प्रयास किया। गहलों, लमहरा, हसनापुर समेत दस गांवों को जाने वाली लाइनों में दस से अधिक पोल टूटे मिले। विद्युत कर्मियों ने सोमवार की दोपहर तक 40 गांवों की आपूर्ति शुरू कर दी। शिवली क्षेत्र में आंधी से मैथा, शोभन, बैरी सबस्टेशनों से जुड़े दो सौ गांवों की बिजली गुल हो गई।
एसडीओ सौरभ मिश्रा ने बताया कि लाइनमैन फाल्ट ठीक करने में लगे हैं। देर शाम तक आपूर्ति चालू हो जाएगी। झींझक क्षेत्र में आंधी में हुए फाल्ट से 250 गांवों की बिजली सात घंटे बाधित रही। किशौरा के पास लगरथा रोड झींझक स्थित सबस्टेशन के 33 केवी लाइन में आम का पेड़ गिर गया। इससे सौ गांवों में आपूर्ति ठप हुई। कस्बा के पुराने सबस्टेशन से जुड़े जसापुर को जाने वाली हाईटेंशन लाइन के दो पोल टूट गए। इससे 150 गांवों की आपूर्ति ठप हो गई। जेई सचिन यादव ने बताया कि फाल्ट ठीक कराकर बिजली चालू करा दी गई है। वहीं, आंधी से खेतों में पड़ा किसानों का भूसा उड़ गया। आम की फसलों का नुकसान हुआ। कच्चे आम गिर गए। थ्रेेसरिंग के लिए पड़े गेहूं के गट्ठे भी उड़ गए।