राजपुर/रनियां। रोजी-रोटी छिनने पर प्रवासी मजदूर घर जाने को निकल पड़े। सोमवार को भी जिले के प्रमुख मार्गों व हाईवे पर पलायन का नजारा दिखा। मेरठ का परिवार रायबरेली से साइकिल पर ही निकल पड़ा। रिक्शा चलाकर पेट भर रहे मजदूरों का कुनबा ठेलिया रिक्शे में परिजनों को बैठाकर दिल्ली से पटना चल पड़ा।
इस समय देश में लॉकडाउन चल रहा है। सोमवार को राजपुर में साइकिल से आया पांच लोगों का परिवार थकान मिठाने को रुका। मेरठ निवासी राजवीर ने बताया कि छोटे भाई दानवीर के साथ रायबरेली की एक फैक्ट्री में मजदूरी करते थे। फैक्ट्री बंद हो गई तो दो दिन फैक्ट्री गेट के बाहर परिवार के साथ बैठे रहे। पुलिस ने भगा दिया तो दो साइकिलों पर ही चल दिए। राजपुर कस्बा इंचार्ज महेंद्र सिंह ने सभी को भोजन कराया इसके बाद ट्रक से मेरठ रवाना कर दिया। वहीं, रनियां पहुंचे बिहार प्रांत के नालंदा, मकसूदपुर निवासी जितेंद्र यादव, रंजीत, मनोज, राजेंद्र, आलोक, कालू ने बताया कि कई वर्ष से नई दिल्ली में कबाड़ का काम कर रहे थे। लॉकडाउन पर काम ठप हो गया। गुरुवार शाम को ठेलिया रिक्शे लेकर निकल पड़े थे। किशरवल मोड़ पर सामाजिक कार्यकर्ता रमेश सिंह, अजीत सिंह, अनिल सिंह ने मजदूरों को लंच पैकेट दिए।