कानपुर देहात। सात ट्रेनें निरस्त होने से यात्री परेशान हैं। रूरा, झींझक समेत अन्य छोटे स्टेशनों पर रुकने वाली यह ट्रेनें सर्दी में कोहरे के कारण बंद की गई थीं। कोहरा बंद होने के बाद अभी तक इन ट्रेनों का संचालन फिर से चालू नहीं किया गया है। लंबी दूरी की जिन ट्रेनों का वैकल्पिक ठहराव दिया भी गया, वह अक्सर लेट रहती है। ऐसे में सबसे ज्यादा परेशानी दैनिक यात्रियों को उठानी पड़ती है। झींझक, रूरा में इंटरसिटी, महानंदा, ऊंचाहार एक्सप्रेस ट्रेनें अप-डाउन की निरस्त चल रही हैं।
झींझक के बलवीर यादव ने कहा कि झींझक स्टेशन पर रुकने वाली कई ट्रेनें निरस्त होने से दिक्कत हो रही है। रात के समय कोई भी ट्रेन नहीं इससे दिक्कत और बढ़ जाती है। राहुल गुप्ता का कहना है कि कई बार स्टेशन पहुंचने पर निरस्त ट्रेनों की जगह वैकल्पिक ट्रेन नहीं दी जाती है। इससे दिक्कत होती है। रूरा के राहुल यादव ने कहा कि रोजाना सफर करने के दौरान दिक्कत होती है। वैकल्पिक ट्रेन न मिलने से सड़क के रास्ते गंतव्य तक पहुंचा मजबूरी हो जाता है। अर्जुन कुमार ने कहा कि मौसम साफ होने के बाद भी कई ट्रेनें निरस्त हैं। इससे परेशानी हो रही है। पैसेंजर ट्रेन लगातार देरी से आ रही हैं। यह समस्या को और बढ़ा देती हैं। रूरा स्टेशन अधीक्षक मनीष दास ने कहा कि कोशिश की जाती है कि निरस्त ट्रेनों की जगह यात्रियों को वैकल्पिक ट्रेन उपलब्ध कराई जाए।