कानपुर देहात। अकबरपुर के खानचंद्रपुर में क्रोमियम डंप करने वाले उद्यमियों ने एनजीटी की प्रिसिंपल बेंच में अपील कर जुर्माना रोकने की गुहार लगाई है।
इस पर उद्यमियों को उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में आपत्ति दाखिल करने का मौका दिया है। उद्यमियों ने एनजीटी के इस आदेश का हवाला देकर तहसील प्रशासन से वसूली रोकने का अनुरोध किया है।
खानचंद्रपुर में फैक्ट्रियों का लगभग 62 हजार मीट्रिक टन क्रोमियन कचरा डंप है। यह क्रोमियम कचरा भूजल को दूषित कर रहा है। एनजीटी ने पूर्व सांसद समेत छह फैक्ट्री संचालकों पर 280 करोड़ रुपये अर्थदंड लगाया है। एक माह में अर्थदंड जमा नहीं कराने पर जिला प्रशासन की ओर से भूराजस्व की भांति वसूली के लिए आरसी जारी की थी। इसको लेकर उद्यमियों ने एनजीटी की प्रिंसिपल बेंच में अपील की थी। तर्क दिया था कि फैक्ट्रियां बंद हैं। उन्हें सुने बिना जुर्माना लगाया गया है। क्रोमियम कचरा उन्होंने डंप करने से इनकार किया था। 28 जनवरी को सुनवाई के बाद एनजीटी की चार सदस्यीय प्रिंसिपल बेंच ने आपत्तियां सुनने का मौका दिया है। फैक्ट्री संचालकों को दो सप्ताह में आपत्तियां प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में दाखिल करने का समय दिया है। चार सप्ताह में बोर्ड को आपत्तियां निस्तारित करनी हैं। अब इसी को आधार बनाकर फैक्ट्री संचालकों ने अकबरपुर तहसील प्रशासन को पत्र भेजकर वसूली रोकने का अनुरोध किया है। एसडीएम अकबरपुर आनंद कुमार सिंह ने बताया कि उद्यमियों की ओर से एनजीटी के आदेश के क्रम में वसूली रोकने का अनुरोध किया गया है। नायब तहसीलदार को नियमानुसार कार्रवाई को कहा है।
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इन छह फैक्ट्रियों पर लगा है जुर्माना
पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी की वारिस केमिकल्स, हिल्जर केमिकल प्राइवेट लिमिटेड, रुक्मणी केमिकलस, चांदनी केमिकल्स प्राइवेट लिमिटेड, अमलिया टेक्सटाइल एंड केमिकल प्राइवेट लिमिटेड, सेरुलीन केमिकल्स पर एनजीटी ने जुर्माना लगाया है।
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