परिचालक ने फंसाया
उसके साथ परिचालक संदीप कब से काम कर रहा है, यह उसे जानकारी नहीं है। संदीप ने गलत बयान देकर उसके बेटे को फंसाया है। वहीं, कुदलीप की पत्नी अर्चना ने बताया कि पति वर्ष 2017 से कालपी जालौन से दिल्ली तक ट्रैवलर बस चला कर एक बेटा व बेटी का भरण पोषण व पढ़ाई की जिम्मेदारी उठा रहे हैं। वह चार अगस्त की सुबह घर से दिल्ली बस ले जाने के लिए निकले थे।
मामले की निष्पक्ष जांच की जाए
पति ने अगले दिन सुबह उसे फोन कर बताया था कि वह परिचालक की वजह से गलत फंस गए हैं और अब पति को दिल्ली पुलिस की ओर से पकड़ लिए जाने की जानकारी मिली है। उसे नहीं मालूम उस दिन रात में क्या हुआ लेकिन उसे इतना पता है कि उसका पति निर्दोष है। परिजन ने दिल्ली पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच करने की गुहार लगाई है। वहीं घटना की जानकारी के बाद ग्रामीणों का कहना है कि कुलदीप के इस प्रकार का आचरण करने का मामला कभी सामने नहीं आया। मामले की निष्पक्ष जांच की जाए।
पहले पति की हत्या और अब बेटे की गिरफ्तारी
दिल्ली में मैनपुरी जनपद की कक्षा 11 की 16 वर्षीय छात्रा के साथ चलती बस में दुष्कर्म के मामले में कुलदीप की गिरफ्तारी के बाद से उसकी मां, पत्नी, बड़ा भाई प्रदीप उर्फ अल्ला व परिजन रो-रोकर बेहाल हैं। उनके घर में चूल्हा भी नहीं जला है। करीब तीन माह पहले कुलदीप के पिता रामचंद शर्मा की संदिग्ध हालात में मौत हुई थी। प्रदीप ने बताया कि वह गांव में ही रहकर गल्ला (अनाज) खरीद बिक्री का काम करता है।
परिजन पिता की हत्या का गम भुला नहीं पाए थे
जबकि भाई कुलदीप बस चलाता है। एक मई को पिता रामचंद खेत पर मूंग की फसल देखने गए थे। वहां गांव के चार लोगों ने पिता के साथ मारपीट कर जहरीला पदार्थ खिला दिया था। इससे उनकी जान चली गई थी। उसने मामले में हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। परिजन पिता की हत्या का गम भुला नहीं पाए थे। अब गैंगरेप के मामले में भाई को गलत फंसाए जाने से उसका पूरा परिवार बिखर गया है।