कानपुर देहात में सजेती क्षेत्र के एक गांव में पानी भर रहे युवक की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या करने के मामले में दो भाइयों को अदालत ने दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं, साक्ष्य के अभाव में एक आरोपी को दोषमुक्त कर दिया है। सहायक शासकीय अधिवक्ता धनंजय पांडेय व प्रदीप कुमार पांडेय ने बताया कि सजेती क्षेत्र के गांव कोटरा निवासी रामऔतार ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए कहा था कि उसके पुत्र अरविंद की पत्नी रूबी गांव के ही महेंद्र पाल के साथ चली गई थी।
इसकी शिकायत थाने में दर्ज कराई थी। इस पर महेंद्र पाल व उसका भाई रंजिश मानने लगे थे। इसी के चलते 19 सितंबर 2011 की सुबह जब अरविंद गांव में लगे हैंडपंप से पानी भर रहा था तभी महेंद्र पाल अपने भाई पटवारी, जगदीश व रूबी देवी के साथ तमंचा लेकर मौके पर पहुंचा और उसे गोली मार दी थी। इसकी सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश /एफटीसी द्वितीय शिवानंद की अदालत में चल रही थी। सुनवाई के दौरान रूबी देवी की मौत हो गई। वहीं, सुनवाई करते हुए अदालत ने शुक्रवार को महेंद्र पाल व पटवारी को हत्या के मामले में दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रत्येक पर बीस-बीस हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अदालत ने महेंद्र पाल को शस्त्र अधिनियम में भी पांच साल की सजा सुनाते हुए पांच हजार रुपये अर्थदंड लगाया है। मामले में एक आरोपी जगदीश को अदालत ने साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया है।