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वीआईपी सीरीज के नंबर लेने से वाहन स्वामियों का मोहभंग

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कानपुर देहात। एक वक्त था कि वीआईपी नंबरों को लेकर परिवहन विभाग में मारामारी रहती थी। आम आदमी की पहुंच से तो वीआईपी नबंर दूर ही रहते थे, लेकिन आज स्थिति यह है कि आम हो या खास कोई भी वाहन स्वामी वीआईपी नंबरों में रुचि तक नहीं ले रहा हैं। सहायक संभागीय परिवहन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक पिछली सीरीज एबी में 316 वीआईपी नंबर खाली चले गए। इन नंबरों के लिए किसी ने भी आवेदन नहीं किया।
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परिवहन विभाग ने वीआईपी नंबरों के लिए ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था सार्वजनिक कर रखी है। ताकि कोई भी वाहन तय फीस जमा कर अपनी पसंद का वीआईपी नंबर बुक करा सके। शासन ने वीआईपी नंबरों में जो निर्धारित मूल्य तय किए हैं। वह इतने महंगे है कि आम आदमी तो छोड़िए खास आदमी की भी पहुंच के बाहर हैं। लिहाजा वीआईपी नंबरों को पाने के लिए कोई रुचि नहीं दिखा रहा है।
एआरटीओ प्रशासन मनोज कुमार वर्मा ने बताया कि चार पहिया वाहनों के लिए 19 प्रकार के नंबर एक लाख रुपये, 46 प्रकार के नंबर 50 हजार रुपये, 96 प्रकार के नंबर 25 हजार रुपये व दोपहिया वाहनों के लिए 19 प्रकार के लिए 20 हजार रुपये, 46 प्रकार के लिए 10 हजार रुपये, 96 प्रकार नंबर के लिए 5 हजार रुपये व 187 प्रकार के नंबरों के लिए 3 हजार रुपये शुल्क निर्धारित है। वीआईपी नंबर महंगे होने की वजह से लोग इस ओर ध्यान नहीं दे रहे है
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विभाग के अधिकारी ने बताया कि वीआईपी नंबरों के लिए कुछ साल पहले कार्यालय में नेताओं और आला अधिकारियों के फोन आया करते थे। अब व्यवस्था आनलाइन के साथ शुल्क निर्धारण तय होने के बाद से लोग वीआईपी नंबर लेने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं।
786 नंबर के लिए देना होगा एक लाख शुल्क
एआरटीओ ने बताया कि 0001 से 0009 समेत 0786 तथा चारों नंबर एक से होने पर वाहन स्वामी को एक लाख रुपये शुल्क जमा करना होगा। सितंबर माह में परिवहन विभाग की ओर से 348 प्रकार के नंबरों को वीआईपी सूची में शामिल किया गया है।
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