कानपुर देहात। शासन ने नगर निकाय चुनाव को लेकर सीटों के आरक्षण की सूची जारी कर दी है। इसमें जिले की दो नगर पालिका व 11 नगर पंचायत में अध्यक्ष पद के आरक्षण की स्थिति साफ की गई है। सूची के अनुसार झींझक नगर पालिका अनारक्षित तो पुखरायां नगर पालिका अनुसूचित जाति महिला के खाते में गई है।
नगर पंचायत रनियां को अनुसूचित जाति महिला, रसूलाबाद नगर पंचायत अनुसूचित जाति, अमरौधा पिछड़ा वर्ग महिला, अकबरपुर महिला, रूरा अनारक्षित, कंचौसी अनारक्षित, राजपुर अनारक्षित, शिवली अनारक्षित, सिकंदरा पिछड़ा वर्ग, मूसानगर महिला, डेरापुर अनारक्षित की सूची में है।
आपत्ति दर्ज कराने के लिए सात दिन यानी छह अप्रैल तक का समय दिया गया है। इसमें आपत्ति जिला अधिकारी कार्यालय के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। आपत्तियों के निस्तारण के ठीक बाद आरक्षण की अंतिम अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।
बदला आरक्षण तो कई के अरमान रह गए अधूरे
कानपुर देहात। पांच दिसंबर 2020 को नगर निकाय चुनाव को लेकर जिले की दो नगर पालिका के चेयरमैन और 11 नगर पंचायतों के अध्यक्ष पद का आरक्षण जारी हुआ था। अब गुरुवार को नए सिरे से जारी आरक्षण से कई सीटों पर बदलाव हुआ है। इससे चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे कई दावेदारों के अरमान अधूरे रह गए।
पांच दिसंबर 2022 को उत्तर प्रदेश शासन की तरफ से जारी आरक्षण सूची के मुताबिक पुखरायां नगर पालिका चेयरमैन का पद अनारक्षित था। इस बार यह सीट अनुसूचित जाति महिला के खाते में गई है। वहीं, नगर पंचायत रनियां के अध्यक्ष की सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित की गई थी। इस बार यह सीट अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित हो गई है।
रसूलाबाद नगर पंचायत की सीट अन्य पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित थी। इस बार यह अनुसूचित जाति के खाते में चली गई है। रूरा नगर पंचायत अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित थी। इस बार यह अनारक्षित हो गई है। कंचौसी नगर पंचायत अन्य पिछड़ा वर्ग के खाते में गई थी। इस बार यह अनारक्षित हो गई है। सिकंदरा नगर पंचायत महिला सीट थी। इस बार पिछड़ा वर्ग के कोटे में चली गई।
शिवली नगर पंचायत और राजपुर दोनों अन्य पिछड़ा वर्ग के खाते में गई थीं। इस बार यह अनारक्षित हो गईं हैं। अकबरपुर सीट अन्य पिछड़ा वर्ग के खाते में गई थी। नई सूची में यह सीट महिला खाते में आ गई है। अमरौधा नगर पंचायत अन्य पिछड़ा वर्ग में थी। अब अन्य पिछड़ा वर्ग महिला के खाते में गई है। मूसानगर पूर्व में भी महिला सीट थी। इस बार महिला सीट ही है।
शासन की तरफ से वर्ष 2022 में आरक्षण सूची जारी किए जाने के बाद तमाम दावेदारों ने अपना पक्ष में प्रचार प्रसार शुरू कर दिया था। जगह-जगह होल्डिंग, बैनर लगा दिए थे। क्षेत्र के मतदाताओं के बीच पंपलेट भी बांट दिए गए थे। कई दावेदारों ने तो मतदाताओं को अपने पक्ष में रिझाने के लिए मुर्गा व दारु पार्टी भी देना शुरू कर दी थी, लेकिन सीट का आरक्षण बदलने पर कई दावेदारों के अरमान अधूरे रह गए हैं।