कानपुर देहात। बिकरू कांड के आरोपियों पर हुई गैंगस्टर की कार्रवाई के मामले की सुनवाई के दौरान गुरुवार को बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने इंस्पेक्टर से कई सवाल पूछे। अदालत ने आगे की जिरह के लिए 28 अक्तूबर की तारीख तय की है।
दो जुलाई 2020 को हुए बिकरू कांड के बाद चौबेपुर पुलिस ने 30 आरोपियों पर गैंगस्टर की कार्यवाही की थी। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-पांच गैंगस्टर बाकर शमीम रिजवी की अदालत में चल रही है।
मामले में वादी मुकदमा इंस्पेक्टर कृष्ण मोहन राय से बचाव पक्ष जिरह कर रहा है। गुरुवार को आरोपी राम सिंह यादव की तरफ से अधिवक्ता की जिरह पूरी हुई। वहीं, आरोपी हीरू दुबे, धीरेंद्र उर्फ धीरू, मनीष, गोविंद सैनी, सुरेश वर्मा, रमेशचंद्र, संजू दुबे व गोपाल सैनी की ओर से अधिवक्ता पवनेश कुमार शुक्ला ने जिरह शुरू की।
अधिवक्ता ने इंस्पेक्टर से पूछा कि मामले में हीरू दुबे को गैंग लीडर कहा गया है। इस घटना के पूर्व विकास दुबे के खिलाफ दर्ज गैंगस्टर के मुकदमों में क्या हीरू दुबे को भी आरोपी बनाया गया था। इसका जवाब इंस्पेक्टर ने नहीं में दिया।
इसके बाद पूछा कि हीरू दुबे, धीरू दुबे व रमेश चंद के खिलाफ बिकरू कांड के पहले कोई मुकदमा दर्ज था या नहीं। इस पर इंस्पेक्टर ने कहा कि हीरू दुबे के खिलाफ मुकदमा पहले से दर्ज रहा है। बचाव पक्ष ने गैंग चार्ट व बिकरू कांड की घटना से संबंधित कई और सवाल पूछे।
विशेष लोक अभियोजक अमर सिंह भदौरिया ने बचाव पक्ष के कई सवालों का विरोध किया। विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि सभी आरोपी कोर्ट में पेश किए गए। आरोपी राम सिंह यादव की ओर से जिरह पूरी हो गई है। अन्य आरोपियों की ओर से बचाव पक्ष जिरह कर रहा है, जो अभी जारी है। शेष जिरह के लिए अदालत ने 28 अक्तूबर की तिथि तय की है।