कानपुर देहात। सिकंदरा क्षेत्र में करीब पांच साल पहले विवाहिता की आग से जलकर मौत के मामले में जिला जज ने पति को आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी करार देकर पांच साल चार माह के कारावास की सजा सुनाई। अर्थदंड भी लगाया है। अन्य चार आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया।
औरैया कोतवाली क्षेत्र के वरियापुर निवासी अरविंद कुमार ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि पुत्री संध्या की शादी 16 नवंबर 2017 को सिकंदरा क्षेत्र के निन्हौरा निवासी संदीप कुमार के साथ की थी।
शादी के बाद से संदीप कुमार, सास रामवती, ससुर प्रयागनारायन व डेरापुर क्षेत्र के खल्ला निवासी ननदोई सुरेंद्र कुमार, ननद रेशमा दहेज में दो लाख रुपये की मां कर बेटी को प्रताड़ित करने लगे। 22 मार्च 2018 को ससुरालियों ने बेटी को जला कर मार डाला।
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र अदालत में पेश किए थे। मामले की सुनवाई जिला जज लालचंद्र गुप्ता की अदालत में चल रही थी। गुरुवार को अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पति संदीप कुमार को आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी करार दिया।
उसे पांच साल चार माह की सजा सुनाई। जिला शासकीय अधिवक्ता राजू पोरवाल व सहायक शासकीय अधिवक्ता नीरज सिंह ने बताया कि दोषी पति पर दस हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है। वहीं अन्य सभी आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया।